दो किशोरियों सहित चार की चोटी कटी
बिजनौर। जिले में रविवार को दो किशोरियों और दो महिलाओं की चोटी काट दी गई। इस तरह की घटनाओं से गांवों में दहशत फैल रही है। ग्रामीण पहरा देने के साथ ही कई तरह टोटके कर रहे हैं। उधर, एसपी अतुल शर्मा ने कहा है कि झूठी अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हल्दौर के मोहल्ला खेड़ा निवासी जहांगीर आलम अपनी सात वर्षीय पुत्री शबेनूर, पुत्र आहद के साथ शनिवार की रात्रि घर में सोआ हुआ था। उसकी पत्नी एक माह से मायके रहकर अपना इलाज करा रही है। जहांगीर के मुताबिक वह सुबह उठकर घर की साफ-सफाई करने लगा, तो उसे घर के आंगन में बाल पड़े दिखाई दिए। उसने कमरे के अंदर जाकर देखा तो उसकी पुत्री शबेनूर के सिर के बाल कटे हुए थे। ग्रामीणों ने एक तांत्रिक के कहने पर अपने घरों के दरवाजों पर हल्दी लगे हाथों के पंजे, हरी मिर्च, नीबू और अन्य सामग्री टांग रखी है।
उधर, नूरपुर के गांव झुझैला निवासी इकबाल की पुत्री तपसुम खातून (18) रविवार की सुबह कपड़ों की सिलाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी चोटी कट गई। घटना के बाद युवती बुरी तरह से घबरा गई, उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोपहर को इसी गांव के ही सोमपाल की पुत्री सुमन (15) घर में कार्य कर रही थी, उसके सिर के बाल भी अचानक कट गए। बाल कटे देख किशोरी की चीख निकली और वह बेहोश हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। ग्राम प्रधान विजेंद्र सिंह के मुताबिक रात को ग्रामीण गांव में पहरा देंगे, ताकि ऐसी कोई घटना दोबार न हो।
वहीं, नगीना के गांव खानपुर निवासी सतपाल की बेटी रितु (14) शनिवार रात परिवार के साथ सो रही थी। रात्रि करीब एक बजे अचानक वह चीख कर उठ गई। उसकी भाभी सोमा, मां ओमकली, पिता सतपाल, भाई परम उसके पास पहुंचे तो देखा कि चारपाई के नीचे उसकी चोटी कटी पड़ी है। रितु की मां ने बताया कि उसकी बेटी घटना के बाद से घबराई हुई है। घटना के संबंध में जब थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान से पूछा गया तो उनका कहना था कि ऐसी किसी घटना के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। वहीं ग्रामवासी राजेंद्र सिंह, राकेश कुमार, जयराम सिंह, चंद्रपाल, विपिन, संजय का कहना था कि जब किशोरी बंद मकान में सो रही थी तो घटना कैसे हो सकती है, यह उनकी समझ से बाहर है।
इस तरह की घटनाओं पर ध्यान न दें लोग : लोग
एसपी अतुल शर्मा ने जिले में चोटी कटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए कहा कि जिलेवासी चोटी काटने की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। इस प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के बारे में तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी। क्षेत्रों में ग्रामीण शांति सुरक्षा समितियों व विशेष पुलिस अधिकारियों के माध्यम से अफवाह को खंडन किया जाए। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए है कि पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक कर उनका भ्रम दूर करें। इसके लिए थाना, चौकी स्तर पर गोष्ठियों का भी आयोजन किया जाए।