बिजनौर। हल्दौर नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी पर राजस्व वसूली व ओडीएफ में लापरवाही बरतने के आरोप में गाज गिरना तय है। अधिशासी अधिकारी के डीएम की मासिक समीक्षा बैठक से नदारद रहने से प्रशासन खफा है। डीएम ने अधिशासी अधिकारी अभिषेक कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की है।
डीएम जगतराज द्वारा विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन नगर विकास को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नगर निकायों की माह अगस्त 2017 की राजस्व समीक्षा में यह पाया गया है कि नगरपालिका परिषद हल्दौर द्वारा निर्धारित लक्ष्य 86.08 लाख के सापेक्ष मात्र 19.50 लाख की राजस्व वसूली की गई है। यह तय लक्ष्य की मात्र 22.65 प्रतिशत है। इनमें गृहकर में 25.45 प्रतिशत, जलकर में 51.34 प्रतिशत तथा अन्य मदों में 19.46 प्रतिशत वसूली है। यह वसूली निर्धारित लक्ष्य से 30 प्रतिशत कम है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्त कराने के संबंध में 381 व्यक्तिगत शौचालयों के सापेक्ष मात्र 111 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया है। अधिशासी अधिकारी डीएम की 12 सितंबर की मासिक बैठक में भी बिना पूर्व सूचना के गैरहाजिर रहे हैं। अधिशासी अधिकारी अभिषेक कुमार द्वारा सीएम की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में कोई सुधार नहीं किया गया है। जिससे जनपद की प्रगति प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही है। हल्दौर नगरपालिका का काम जिले की 12 नगरपालिका परिषद व छह नगर पंचायतों में पिछड़ा है।