बदायूं के लिए महत्वपूर्ण
स्योहारा (बिजनौर) (ब्यूरो)। पंद्रह दिन पूर्व घर से लापता हुए किशोर को पुलिस ने उझारी बदायूं से बरामद किया। किशोर ने अपनी चाची पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए बताया कि वह अपनी चाचा के डर से भाग गया था। थानाध्यक्ष ने किशोर की सहमति से गांव वालों के सामने उसे चाचा को सौंपा।
गांव अनिसा नंगली निवासी बृजपाल का 15 वर्षीय भतीजा नीरज पास के ही गांव महमूदपुर में नौकरी करता था। 13 जून को राजू लाला की दुकान से चोरी करने के दौरान पकड़े जाने पर गांव वालों ने उसकी पिटाई कर दी, तभी से नीरज लापता हो गया। नीरज के परिजनों ने दो लोगों के विरुद्ध अपहरण का मुकद्दमा दर्ज करा दिया था। तभी से पुलिस नीरज को बरामद करने के लिए प्रयास कर रही थी। 15 दिन के बाद पुलिस ने नीरज को बरामद कर लिया। उसके बाद चाचा बृजपाल और गांव वालों को बुलाकर किशोर को उन्हें सौंप दिया गया।
किशोर नीरज थाने में अपने परिजनों को देखकर भावुक होकर रो पड़ा। उसने बताया कि बचपन में ही उसके मां बाप गुजर गए थे। इसके बाद चाचा बृजपाल ने उसकी परवरिश की। उसने आरोप लगाया कि उसकी चाची उसके चाचा के काम पर जाने के बाद उससे मारपीट करती थी। कभी-कभी खाने में जहर देकर मारने की भी बात करती थी। वह डर से अक्सर भूखा ही सो जाता था। उसने बताया कि 13 जून की घटना के बाद वह चाची के डर से ही भाग गया था। कहा कि पिटाई के बाद वह गेंडाजूड़ हाल्ट से ट्रेन में बैठ गया और उझारी पहुंच गया। थाना प्रभारी धर्मपाल सिंह ने बताया कि नीरज को उसकी चाची काफी प्रताड़ित करती थी। उसके डर से वह भाग गया था, जहां से उसे बरामद कर लिया गया है। नीरज की सहमति से उसके चाचा बृजपाल को सौंप दिया गया है।
15 दिन से लापता था, बदायूं से हुआ बरामद
पुलिस ने सहमति से चाचा को बच्चा सौंपा