बिजनौर। जिला महिला अस्पताल में पांच नवजात शिशुओं की मौत होने के बाद भी दूसरे दिन प्रशासनिक अधिकारियों ने वहां के मरीजों की कोई सुध नहीं ली। हालांकि डीएम जगतराज ने एडीएम प्रशासन व सीएमओ को मामले की जांच सौंपी थी।
14 घंटों के भीतर जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही व अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा प्रसव कराने से पांच नवजात शिशुओं की मौत हो गई। पांच बच्चों की मौत की खबर पूरे जिले में आग की तरह फैल गई। घटना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। जहां इतनी बड़ी घटना होने पर तुरंत ही प्रशासनिक अधिकारियों हरकत में आना चाहिए था और अस्पताल पहुंचकर परिजनों की सुध लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों ने दूसरे दिन भी जिला महिला अस्पताल जाकर मरीजों की कोई सुध नहीं ली। मरने वाले बच्चों के परिवारीजनों का कहना है कि इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रशासनिक अधिकारी इस मामले की कितने गंभीर हैं। डीएम जगतराज ने मामले में मंगलवार की दोपहर प्रेसवार्ता कर एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल व सीएमओ डा.राकेश मित्तल को जांच सौंपी थी, लेकिन दोनों ही अधिकारी बुधवार को जांच करने के लिए जिला महिला अस्पताल नहीं आए।
सीएमओ डा.राकेश मित्तल ने बताया कि वह मंगलवार से लखनऊ में हैं। मुख्यालय पर आते ही वह जांच के लिए महिला अस्पताल जाएंगे।