एक दोषी निकला नाबालिग, उसकी पत्रावली किशोर न्यायालय को भेजी
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
साजिश रचकर महिला की क्रूरतापूर्वक हत्या करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तांत्रिक और दो सगे भाईयों समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, एक हत्यारोपी की उम्र कम होने की वजह से पत्रावली को किशोर न्यायालय भेजा गया है।
मोहल्ला लाल बाग बंजारन ऊंचा निवासी अब्दुल गफ्फार ने बताया कि उनकी भतीजी नसीमा उर्फ मुनिया ने मोहल्ले के ही यामीन उर्फ मूल से शादी की थी। कुछ दिन बाद ही उसके पति और ससुरालियों ने तांत्रिक की मदद से नसीमा की हत्या का षड्यंत्र रचा था। 13 जून 2013 को उसकी फावड़े से गला काटकर हत्या कर दी थी। पीड़ित ने मोहल्ले के ही तांत्रिक हयात, मृतका के पति यामीन उर्फ मूल, अलीजान उर्फ मलुआ, खलील समेत एक नाबालिग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सोमवार को विचाराधीन केस पर सुनवाई हुई। साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने तांत्रिक हयात, मृतका के पति यामीन उर्फ मूल, अलीजान उर्फ मलुआ, खलील समेत नाबालिग को दोषी पाया। न्यायाधीश ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।