आरिफ की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्लारक्खे खां ने नूरआलम हत्याकांड में आरोपी आरिफ की जमानत याचिका निरस्त कर दी। थाना नूरपुर के गांव बेड़ा निवासी आलमगीर ने थाना नूरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई नूरआलम दो वर्ष से गांव पूरनपुर नंगला में मस्जिद में इमामत कर रहा था। डेढ़ माह की छुट्टी बिताकर वह मस्जिद में आया था। 22 दिसंबर 2018 की सुबह छह बजे ग्राम प्रधान मोहम्मद शफीक ने आलमगीर को सूचना दी कि उसके भाई हाफिज नूरआलम का शव मस्जिद के हजूरे में पड़ा है। शव के गले में हरे कपड़े का फंदा लगा था। और माथे पर चोट थी। घटना की पुलिस विवेचना में यह बात सामने आई थी कि गांव पूरनपुर नंगला के आरिफ से 60 हजार के लेनदेन को लेकर विवाद था। आरिफ पैसे नहीं लौटा रहा था। इस बात को लेकर आरिफ ने छोटे सिलिंडर से नूरआलम पर वार किया। बाद में उसके गले में कपड़े का फंदा लगाकर उसकी हत्या कर दी थी। हत्याकांड में आरिफ की जमानत याचिका निरस्त की गई है।