ढक्काकर्मचंद प्राथमिक विद्यालय प्रथम का है मामला
किताब बेचने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल,
स्कूल की पुरानी किताबें बच्चों में बांटने का है प्रावधान
धामपुर। ढक्काकर्मचंद प्राथमिक विद्यालय प्रथम के मुख्य अध्यापक द्वारा स्कूल में रखी पुरानी किताबें कबाड़ में बेचने की वीडियो वायरल होने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई है। बीएसए ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ढक्काकर्मचंद प्राथमिक विद्यालय प्रथम के मुख्य अध्यापक रघुवीर सिंह ने स्कूल में रखी बच्चों की पुरानी किताबें कबाड़ी को बेच डाली, जबकि इन पुरानी किताबों को नए सत्र में आए बच्चों को दिए जाने का प्रावधान है। शिक्षक की किताबें बेचने की वीडियो वायरल होने से चर्चा का विषय बनी हुई है। वायरल वीडियो में स्कूल का शिक्षक पुराने भवन की जर्जर ईंटों को बेचने का भी जिक्र कर रहा है। वीडियो वायरल होने से शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कूल में रखी पुरानी किताबें बेचना अपराध है। शिक्षक पुरानी किताबों को नहीं बेच सकता, बल्कि स्कूल के ही बच्चों को मुफ्त में बांट सकता है। लेकिन मुख्य अध्यापक ने जरूरतमंद बच्चों को किताब न बांटकर उनसे रकम जुटा ली। आरोप है कि शिक्षक के आचरण को लेकर पहले भी कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन शिक्षक ने किसी तरह से मामले को निपटा लिया था। उधर, मुख्य अध्यापक रघुवीर सिंह का कहना है कि वीडियो में वह सिर्फ मजाक कर रहे थे। कबाड़ी को स्कूल में रखी रद्दी बेची गई है।
जांच कर कार्रवाई होगी : बीएसए
बीएसए महेश चंद का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। वीडियो संज्ञान में आने के बाद मुख्य अध्यापक के खिलाफ जांच कर कार्रवाई होगी। स्कूल में रखी पुरानी किताबें बेचने का कोई प्रावधान नहीं है। वह सिर्फ बच्चों को दी जा सकती है।