बिजनौर। गांव साहूवाला निवासी विक्रांत की हत्या रंजिश में हुई थी। हत्यारे विक्रांत की हत्या के लिए मौका ढूंढ रहे थे। रक्षाबंधन पर विक्रांत घर पर आया तो आरोपियों ने मौका मिलते ही उसे अगवा कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हत्यारों को तमंचे सहित दबोच लिया है। दो नामजद आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसपी ने दोनों आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को इनाम देने की घोषणा की है।
आठ अगस्त को गांव साहूवाला निवासी विक्रांत अपने साथी प्रांशु के साथ घर जा रहा था। करीब डेढ़ बजे पांच युवकों ने उनकी बाइक में टक्कर मारकर गिरा दिया था और विक्रांत को अगवा कर उसकी हत्या कर दी थी। विक्रांत का शव गांव माहेश्वरी के जंगल में मिला था। इस मामले में गांव रसूलपुर पिरथी उर्फ आदमपुर निवासी अंकित उर्फ बाबू व अतुल उर्फ छोटे, थंबूवाला निवासी शानू व हरदासपुर निवासी भोलू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कोतवाली देहात पुलिस ने अंकित व अतुल को बृहस्पतिवार की शाम गांव पीपलसाना से हत्या में प्रयुक्त दो तमंचे, कारतूस व दो हजार की नगदी के साथ गिरफ्तार किया है। एसपी अतुल शर्मा के मुताबिक विक्रांत ने करीब 15 महीने पहले अपने साथियों के साथ शहर कोतवाली क्षेत्र के कृष्णा कॉलेज के पास अंकित को पीटा था। इस मामले में विक्रांत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी और वह जमानत पर था। घटना के बाद से ही अंकित विक्रांत से बदला लेने की फिराक में था। घरवालों ने इसे भांपते हुए विक्रांत को नौकरी के लिए हरिद्वार भेज दिया था। रक्षाबंधन पर विक्रांत घर आया हुआ था। अंकित को पता चला गया कि विक्रांत विनायक कॉलेज पर आया है। उसने तुरंत विक्रांत को मारने की योजना बना ली और घटना को अंजाम दे दिया। आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। टीम में कोतवाली देहात थाने के प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र प्रताप गौतम, एसएसआई संजय कुमार, एसआई प्रवींद्र कुमार, कांस्टेबिल अरविंद कुमार, अखिलेश शर्मा व शाहिद खां शामिल हैं।
गाड़ी में ही मार दी गोली
अंकित पर विक्रांत से बदला लेने का भूत सवार था। वह हर हाल में विक्रांत की हत्या करना चाहता था। उसने विक्रांत का अपहरण करके गाड़ी से बाहर निकालकर नहीं बल्कि गाड़ी में ही गोली मारकर हत्या कर दी और शव खेत में फेंक दिया। इस अपराध में साथियों ने भी अंकित का खुलकर साथ दिया।