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पुलिस का शक कहीं डॉन बनने की चाहत में शाहनवाज ने तो नहीं कराई हाजी अहसान की हत्या

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डॉन बनने की चाहत में कहीं शाहनवाज ने तो नहीं कराई हत्या
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बिजनौर। नजीबाबाद में हुए बसपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या में पुलिस को शक है कि कहीं नजीबाबाद का डॉन बनने की चाहत में शाहनवाज ने तो हाजी अहसान व उनके भांजे की हत्या तो नहीं करा दी। शाहनवाज पूर्वांचल के एक बड़े गैंग से जुड़ा हुआ बताया जाता है। शाहनवाज के अलावा पुलिस हाजी अहसान के कभी खासमखास रहे अफजल पहाड़ी पर भी हत्या का शक कर रही है। पुलिस दोनों बदमाशों को खंगाल रही है। पुलिस को शक है कि कहीं ये दोनों बदमाश एक तो नहीं हो गए। दोनों बदमाशों के बड़े गैंग से जुड़े होने की बात सामने आ रही है।
नजीबाबाद में मंगलवार को अपने काम्प्लैक्स के कार्यालय में बैठे बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब पर दिनदहाड़े पिस्टल से गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। हत्या किसने की, पुलिस इसे लेकर अभी तक उलझी है। पुलिस हाजी अहसान से जुड़े तमाम प्रॉपर्टी डीलर को खंगाल चुकी है। उनके पार्टनर फैसल से भी पुलिस ने कई घंटे पूछताछ की, पर हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा। बाहर के शूटरों ने दोनों की हत्या की है। पुलिस को शक है कि नजीबाबाद थाने के गांव कनकपुर निवासी शाहनवाज ने तो हाजी अहसान व उनके भांजे की हत्या नहीं कराई। शाहनवाज का पूर्वांचल के एक बड़े गैंग से नाता बताया जाता है। पुलिस की मानें तो शाहनवाज ने नजीबाबाद का डॉन बनने की चाहत में यह हत्याएं कराई हैं।
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पुलिस को जानकारी मिली है कि शाहनवाज सोचता था कि बिना हाजी अहसान को रास्ते से हटाए वह नजीबाबाद में अपना वर्चस्व कायम नहीं कर सकता है। क्योंकि नजीबाबाद में हाजी अहसान का वर्चस्व कायम था। उन्हें रास्ते से हटाना जरूरी था। हाजी अहसान की हत्या के बाद उसकी एकतरफा हुकूमत चलती। तमाम प्रॉपर्टी के मामले उसके पास ही रहेंगे। पुलिस शाहनवाज की तलाश में जुट गई है। शाहनवाज का नाम एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या में भी आया था। उसके घर से हथियार भी बरामद हुए थे। जेल में रहने के दौरान भी उसका कई बंदियों से विवाद हो गया था। पुलिस शाहनवाज के अलावा हाजी अहसान के नजदीकी रहे अफजल पहाड़ी पर भी दोनों की हत्या का शक कर रही है। पुलिस की मानें तो हाजी अहसान ने अफजल पहाड़ी से दिल्ली में प्रॉपर्टी के विवाद में कई हत्याएं कराईं। इसके बदले तय करने के बाद भी अफजल को कुछ नहीं दिया। कई प्रॉपर्टी में उसकी हिस्सेदारी भी थी, पर उसके बदले भी उसे कुछ नहीं मिला। इस बात पर अफजल हाजी अहसान से दुश्मनी रखने लगा। अफजल पहाड़ी की भी वेस्ट यूपी के कई बड़े बदमाशों से गहरे संबंध हैं। वह खुद मुजफ्फरनगर जिले का रहने वाला है। इन दिनों गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है। अफजल के ससुर हाजी उस्मान के यहां नौकरी करते थे। अफजल खुद नजीबाबाद में किराए का मकान लेकर रहता था। डा.शमशाद की हत्या में अफजल पहाड़ी जेल गया था। डा.शमशाद की हत्या कराने में हाजी उस्मान का नाम आया था। पुलिस को यह भी शक है कि कहीं शाहनवाज व अफजल पहाड़ी आपस में तो नहीं मिल गए हैं। दोनों ने हाजी अहसान से दुश्मनी रखने वाले प्रॉपर्टी डीलरों से मिलकर तो यह हत्या नहीं करा दी।
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पुलिस इनके अलावा तमाम लोगों को खंगाल रही है। पुलिस को यह भी डर है कि इस दोहरे हत्याकांड के बाद कोई और हत्याएं न हो जाएं। पुलिस इसे लेकर भी चौकसी बरत रही है। सीओ नजीबाबाद महेश कुमार के मुताबिक पुलिस की टीम दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने में लगी है। देखा जा रहा है कि किन किन लोगों से हाजी अहसान की दुश्मनी थी।
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