फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वालों पर कार्रवाई के आदेश
नगीना। दूसरे समुदाय के प्रेमी के साथ शादी रचाने वाली युवती की शिकायत पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बढ़ापुर कोतवाल को फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करने वाले प्रधानाचार्य समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
बढ़ापुर के मोहल्ला ठाकुरान निवासी सिमरन उर्फ नजराना ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम नगीना के न्यायालय में 11 जून को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि उसने अपनी मर्जी से 23 अक्टूबर 2017 को हिंदू रीति रिवाज से वैदिक धर्म अपनाकर मोहित से शादी कर ली। अपना नाम नजराना से बदलकर सिमरन रख लिया था। शादी से एक दिन पूर्व 22 अक्टूबर 17 को उसकी मां इदरीसा ने उसके अपहरण की झूठी रिपोर्ट बढ़ापुर थाने में दर्ज करा दी थी। रिपोर्ट के साथ कक्षा पांच पास की फर्जी टीसी बनवाकर लगा दी थी। एफआईआर के विरुद्ध हाई कोर्ट इलाहाबाद में दर्ज उसकी रिट याचिका पर हाई कोर्ट ने सीजेएम कोर्ट बिजनौर में बयान दर्ज कराने के आदेश दिए। सिमरन उर्फ नजराना ने स्वयं को अशिक्षित बताकर टीसी को फर्जी बताया। सीजेएम कोर्ट बिजनौर में बयान दर्ज होने के बाद मेडिकल हुआ, इसमें उसकी उम्र 19 वर्ष आई।
उसने आरोप लगाया कि फर्जी टीसी तैयार करवाने वाले अच्छन ने सीजेएम कोर्ट में बयान दर्ज कराने से पूर्व धमकी भी दी कि यदि उसने अपने मां बाप के पक्ष में बयान नहीं दिए तो दोनों पति-पत्नी को जलाकर मार दूंगा। सीजेएम ने दोनों स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पूरे रिकार्ड के साथ न्यायालय में तलब किया। सीजेएम ने स्कूलों के रिकॉर्ड को फर्जी और कूटरचित मानते हुए 20 मार्च 2018 को आदेश कर दिए कि सिमरन उर्फ नजराना बालिग है, अपनी मर्जी से किसी के साथ भी शादी करने या रहने के लिए स्वतंत्र है। सिमरन उर्फ नजराना ने न्यायालय से मोहल्ला बढ़ापुर निवासी अच्छन, सिकंदर हयात निवासी ग्राम चिलकिया बढ़ापुर, कासिम, मोहम्मद आसिफ निवासी बढ़ापुर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश पुलिस को देने की गुहार लगाई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम नगीना संदीप कुमार ने एसएचओ बढ़ापुर को सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करने के आदेश दिए हैं।