बिजनौर। पुलिस ने नया गांव में तीन दिन पूर्व सत्यप्रकाश त्यागी की हत्या का खुलासा कर दिया है। मुकदमा दर्ज होने के डर से आलोक ने अपने साथी राजेश के साथ मिलकर सत्यप्रकाश की हत्या की थी। सत्यप्रकाश का आलोक से बीमे की रकम हड़पने पर विवाद चल रहा था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है।
शहर कोतवाल बिजेंद्र पाल राणा के मुताबिक 26 जून की रात गांव नया गांव निवासी सत्यप्रकाश जंगल में ट्यूबवेल चलाने गया था वहां उसकी उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। जंगल में मौजूद मृतक के भाई रामबहार व पुत्र ऋतिक ने कोतवाली देहात थाने के गांव फतेहपुर आसन निवासी आलोक समेत तीन लोगों को मौके से भागते देखा था। पुलिस ने आलोक व नया गांव के राजेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आलोक पुलिस को बरगलाता रहा। कहा कि सत्यप्रकाश के भाई ने हत्या की है। पुलिस ने आलोक की बताई कहानी की जांच करती रही पर आलोक का कोई भी आरोप सही नहीं निकला। बाद आलोक ने कबूल कर लिया कि उसने ही राजेश के साथ मिलकर सत्यप्रकाश की हत्या की थी। आलोक ने पुलिस को बताया कि वह अब ठेकेदारी करता है। पहले वह रिलायंस इंश्योरेंस कंपनी में सीडीए था। राजेश कंपनी का एजेंट था। सत्यप्रकाश के छोटे भाई अशोक की 2014 में कैंसर से मौत हो गई थी। अशोक का उसने बीमा किया था। बीमारी से मौत पर बीमा का छह लाख 80 हजार रुपये मिला था। अशोक की पत्नी बीना के खाते में बीमे की रकम चली गई थी। आलोक ने बीमे की रकम हड़पने के लिए बीना से बैंक की पास बुक के साथ चार ब्लैंक चेक ले लिए थे। राजेश से एक लाख रुपये बीना को दिला दिए। 30 हजार का एक चेक कंपनी को दे दिया। पांच लाख रुपये अपने खाते में डलवा लिए। 80 हजार रुपये राजेश को दिए। सत्यप्रकाश ने बीमे की रकम लेने को आलोक पर दबाव बनाया तो उसे भी 40 हजार रुपये का चेक आलोक ने दे दिया। सत्यप्रकाश बाकी रकम भी आलोक से मांग रहा था। आलोक यह रकम उसे नहीं दे रहा था। सत्यप्रकाश ने आलोक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी थी। इस बात से आलोक बौखलाया हुआ था। उसने कुछ दिन पहले सत्यप्रकाश का कत्ल कराने की भी धमकी दी थी। सत्यप्रकाश ने धमकी को हल्के में लिया ।आलोक ने राजेश के साथ मिलकर सत्यप्रकाश के खत्म करने का प्लान बनाया। मंगलवार रात जंगल में पानी देने गए सत्यप्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आलोक व राजेश की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है।