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गन्ना समिति के खाद गोदामों में 1.26 करोड़ का घोटाला

Thu, 07 Mar 2019 11:41 PM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
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बिजनौर गन्ना समिति के खाद गोदामों में खाद बिक्री में 1.26 करोड़ का घोटाला पकड़ में आया है। जांच के दौरान ही मामले में आरोपी एक गन्ना पयवेक्षक की मौत हो गई, जबकि एक की पहले हो चुकी है। इन गोदाम प्रभारियों के पेंशन आदि भुगतान पर रोक लगा दी गई है। जांच की रिपोर्ट गन्ना आयुक्त को भेजी जा रही है।
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कुछ दिनों पहले गन्ना समिति बिजनौर में खाद की बिक्री में घोटाला सामने आया था। इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई थी। अपर सांख्यिकी अधिकारी की अध्यक्षता में सीनियर ऑडिटर फतह सिंह, मनोज कुमार, संजीव त्यागी व सूरज सिंह ने मामले की जांच की थी। जांच में दोनों गोदाम से खाद के हजारों कट्टे गायब मिले। बिजनौर गन्ना समिति के तीन गोदाम बिजनौर प्रथम, चंदुपुरा व बांकपुर हैं। तीनों में एक करोड़ 26 लाख 48 हजार 556 रुपये का घोटाला सामने आया है। बिजनौर प्रथम गोदम पर 87 लाख 19 हजार 362, चंदपुरा में 25 लाख 72 हजार 102 व बांकपुर में 13 लाख 57 हजार 91 रुपये का खाद कम मिला था। यह घोटाला 2014 से शुरू हुआ था। चंदपुरा व बांकपुर के पर्यवेक्षक इंचार्ज ज्ञान सिंह व बिजनौर प्रथम के पर्यवेक्षक विनोद कुमार थे। दोनों के सेवानिवृत्त होने के बाद मामला पकड़ में आया था। विनोद कुमार की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि ज्ञान सिंह की मौत जांच के दौरान हुई। इन दोनों के बकायों पर विभाग ने रोक लगा दी है।



इतना माल मिला कम
बिजनौर प्रथम गोदाम पर यूरिया के 8076, डीएपी के 4117, एनपीके के 708 कट्टे कम मिले थे। इसके अलावा अन्य खाद भी कम मिला। चंदपुरा गोदाम पर यूरिया के 5116, एनपीके के 347, डीएपी के 132, बांकपुर में यूरिया के 2916, एनपीके के 154, डीएपी के 209 कट्टे कम मिले हैं।
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शासन को भेजी रिपोर्ट
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार गोदामों की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन के आदेश के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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