जिले में खांसी, जुकाम के मरीजों का घर-घर खोजकर किया जाएगा उपचार
बिजनौर। जिले में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों को घर-घर जाकर खोजा जाएगा। साथ ही अब तक टीकाकरण न कराने वाली गर्भवती महिलाओं व आम लोगों को भी चिह्नित किया जाएगा। इन लोगों से टीकाकरण कराने की अपील की जाएगी। जुकाम आदि के मरीजों को घर में ही दवाई दी जाएंगी और इन्हें घर में ही रहने के लिए कहा जाएगा।
कोरोना के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। विभिन्न मरीजों में जुकाम, खांसी और हलके बुखार के लक्षण हैं। ये लोग कहीं से भी दवाई ले लेते हैं और संक्रमण को दूसरे तक जाने से रोकने के लिए गाइडलाइन का पालन नहीं करते हैं। माना जा रहा है कि ऐसे लोगों की वजह से ही कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। कोरोना के संभावित (खांसी, जुकाम और खांसी) मरीजों को खोजने के लिए स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर मरीजों को खोजेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की 1336 टीम गठित की गई हैं। जिन मरीजों में कोरोना आदि के लक्षण होंगे उन्हें दवाई भी दी जाएगी। इसके अलावा 65 साल से अधिक आयु के ऐसे लोगों को भी चिह्नित किया जाएगा जिन्होंने अब तक टीकाकरण नहीं कराया है। जिले में वैसे 95 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण हो चुका है, लेकिन अब भी ऐसे काफी लोग हैं जिन्होंने अब तक टीकाकरण नहीं कराया है।
24 जनवरी से चलेगा अभियान
टीकाकरण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार के अनुसार जिले में 24 से 29 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। कोरोना जैसे लक्षण वाले मरीजों को चिह्नित करके उन्हें दवाई दी जाएंगी। टीकाकरण नहीं कराने वाले 65 साल से अधिक आयु के जिले वासियों को भी अभियान में खोजा जाएगा।