- कलक्ट्रेट सभागार में डीएम अध्यक्षता में हुई संवेदीकरण कार्यशाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में औद्योगिक, कृषि, हस्तकला, पर्यटन, काष्ठकला आदि अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन इस प्रगति का डाटा संबंधित पोर्टल मुहैया नहीं होने से सही आकलन किया जाना संभव नहीं हो रहा है। यह बात डीएम उमेश मिश्रा ने कही।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला में डीएम ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली प्रगति के वास्तविक आंकड़ों को एकत्र कर उन्हें प्रदर्शित करने का काम करें। इसके लिए उद्योग बन्धुओं, व्यपारियों, कारखाना स्वामियों, किसानों, हस्त एवं काष्ठकला उद्यमियों से संपर्क बनाया जाए। बताया कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाए जाने के उद्देश्य से जिले के सर्वेक्षण के लिए सांख्यिकी आंकड़ों को एकत्र किए जाना जरूरी है। सर्वेक्षण के तहत सही एवं तथ्यपरक सूचनाएं उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि सांख्यिकी विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के माध्यम से योजनाओं में फीडबैक लेते हुए आवश्यकतानुसार प्रावधान किए जाते हैं। साथ ही नई योजनाओं का निर्माण करने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस अवसर पर अर्थ एवं संख्या उपनिदेशक ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विभिन्न सर्वेक्षण कराए जाते हैं।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी लक्ष्मी देवी, धर्मवीर सिंह, अपर जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी जयंत जैन, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, सहायक निदेशक कारखाना, प्रदूषण, श्रम, जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद सिंह आदि मौजूद रहे।