बिजनौर, धामपुर। गांव मिलक मुकीमपुर में 14 अप्रैल को डाॅ. भीमराव आंबेडकर जयंती स्थल को लेकर गांव के दो पक्षों में तनाव पैदा हो गया है। आंबेडकर समिति के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों से मिलकर समस्या का निदान कराने की मांग की है। शाेभायात्रा को निकाले जाने को लेकर गांव नौरंगाबाद और दीत्तनपुर के ग्रामीणों के बीच भी विवाद पैदा हो गया है। अधिकारी निपटाने के प्रयास में लगे हैं।
गांव मिलक मुकीमपुर के ओमप्रकाश, शिवनाथसिंह, सुरेश कुमार, कृष्णपाल सिंह, मोहित कुमार आदि ने बताया कि उनके गांव में कई दशकों से सरकारी जमीन पर गांव के लोग 14 अप्रैल को डाॅ. भीमराव आंबेडकर जयंती मनाते आ रहे हैं। पर गांव के कुछ लोगों ने जमीन को विवादित कर इस बार कार्यक्रम करने पर आपत्ति कर दी है। जिससे समिति के लोगों में रोष है। इस मामले को लेकर बृहस्पतिवार को कोतवाल ने दोनों पक्षों को तलब किया। प्रधान शकील अहमद का कहना है कि उनके गांव में आज तक कभी झांकी नहीं निकली। वह गांव में नई परंपरा शुरू नहीं होने देंगे। कोतवाल का कहना है कि जैसे परंपरागत तरीके से कार्यक्रम होता आ रहा है, वैसे ही होगा। कोई नई परंपरा शुरू नहीं होने दी जाएगी।
उधर, गांव नौरंगबाद और दीत्तनपुर में शोभायात्रा निकाले जाने को लेकर विवाद पैदा हो गया है। दीत्तनपुर के पूर्व प्रधान हेमंत कुमार आदि ने बताया कि उनकी गांव में आंबेडकर शोभायात्रा अकेले निकलती आई है। अबकी बार नौरंगाबाद के लोग अपनी गांव की शोभायात्रा को उनके साथ निकालने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि गलत है। पुलिस अधिकारियों ने किरी भी नई परंपरा शुरू न करने की चेतावनी दी है।