बिजनौर। पूरे जनपद में दूसरे प्रदेश और जनपद से कामगारों के आने का सिलसिला जारी है। पुलिस जहां जगह-जगह इन लोगों को रोक-टोक कर रही है वहीं गांव के लोग इनके खाने पीने और रुकने का इंतजाम कर रहे हैं। स्योहारा में अंबाला से झारखंड जा रहे एक महिला सहित चार लोगों के परिवार को क्षेत्र के लोगों ने मदद कर कार द्वारा बरेली तक भेजने की व्यवस्था की।
झारखंड का सत्यनारायण गोस्वामी पंजाब के अंबाला में मजदूरी करता था। अपने परिवार के साथ वहीं रहता था। लॉकडाउन के बाद मजदूरी मिलनी बंद हो गई। दूसरा चरण शुरू होने के बाद खाने के लाले पड़ने लगे तो पत्नी प्रिया गोस्वामी, रतिराम तथा अमरेंद्र के साथ पैदल अपने गांव के लिए चल दिया। सत्यनारायण ने बताया कि जो थोड़े से पैसे थे, उनसे रास्ते में जहां कहीं खाने के लिए मिला, लेकर खा लिया। मुख्य मार्ग तथा रेलवे लाइन पर पुलिस का पहरा होने से गांव के रास्तों से आगे बढ़ते गए। रास्ते के गांवों में लोग रुकने व खाने की व्यवस्था कर देते हैं। नगीना क्षेत्र में एक जगह पुलिस ने रोका तो एक सिपाही ने उनके पैरों की सूजन व छालों को देखकर रहम कर 200 रुपये लेकर उन्हें जाने दिया। इससे वे धामपुर की नहर के रास्ते स्योहारा के गांव बुढ़नपुर आए। जहां उन्हें कुछ लोगों ने आराम करने की जगह दी। खाना खिलाया तथा एक कार की व्यवस्था करके दी। रास्ते के खर्च के लिए 2000 रुपये दिए। अब वे बरेली के लिए जा रहे हैं।
18 मजदूरों की जांच
रेहड़। रविवार को पीएचसी कासमपुरगढ़ी पर मुंबई, पंजाब, अहमदाबाद आदि से ब्लॉक के अलग-अलग गांवों में आए 18 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। नार्मल पाए जाने पर सभी को फिलहाल होम क्वांरटीन करा दिया है। बाद में इनका मेडिकल चेकअप कराया जाएगा। डा. राजकुमार सिंह ने बताया कि बाहर से आने वाले सभी मजदूर अपने स्वास्थ्य की जांच अवश्य कराएं। सामाजिक दूरी बनाए रखें। बचाव ही कोरोना का एकमात्र उपचार है।
थर्मल स्क्रीनिंग की
नगीना। रविवार को सीएचसी पर बाहर से आए लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा। पिछले दो दिन के मुकाबले रविवार को ज्यादा भीड़ नजर आई। इसके चलते लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी भूल गए। सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन कुमार ने सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की। उन्होंने बताया की कोरोना संदिग्ध मरीजों का बुधवार को सैंपल लिया जाएगा। अस्पताल पहुंचने वालों में महाराष्ट्र से आने वाले लोगों की संख्या सर्वाधिक रही।
दो दर्जन लोगों को होम क्वारंटीन किया
अफजलगढ़। पुलिस ने मुंबई से लौटे क्षेत्र के दो दर्जन लोगों को होम क्वारंटीन के लिए कहा। लॉकडाउन होने व काम न मिलने के कारण मजदूर वापस घर आए थे। ग्राम प्रधान पति मनोज कुमार ने बताया कि गांव आसफाबाद चमन में शनिवार की रात बस व ट्रकों से किसी प्रकार वापस अपने घर को दो दर्जन से अधिक मजदूर वापस लौटे हैं। वे मजदूरों को लेकर कोतवाली पहुंचे, जिन्हें कोतवाल राजेश कुमार तिवारी ने उन्हें प्राथमिक परीक्षण के बाद होम क्वारंटीन करने व लॉकडाउन का पालन करने की हिदायत दी।
40 लोगों को घर भेजा
स्योहारा। एमक्यू इंटर कॉलेज में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर से क्वारंटीन की अवधि पूरी होने पर 40 लोगों को उनके घर भेजा गया। विधायक अशोक राणा द्वारा इन लोगों को क्वारंटीन के 14 दिन पूर्ण होने का प्रमाणपत्र तथा भोजन सामग्री देकर इन्हें घर भिजवाया गया। नगर पालिका के ईओ एपी पांडेय, भाजपा मंडल अध्यक्ष नेपाल सिंह, विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र कुमार अरोड़ा उर्फ राजू, सीएचसी प्रभारी डा. खालिद अख्तर आदि मौजूद रहे।
अफजलगढ़ में महाराष्ट्र से लौटे लोग।- फोटो : BIJNOR