संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अशोक कुमार के बिजली बिल के मामले में तीन लाख 73 हजार की राशि के वसूलने पर रोक लगा दी है।आयोग ने आदेश दिया कि परिवादी अशोक कुमार अगस्त 2013 से 2015 तक का संशोधित बिल बिना किसी सरचार्ज के एक माह के अंदर दें और परिवादी अशोक कुमार उसे एक माह में जमा करे।
बिजनौर के ग्राम तैय्यबपुर काजी के अशोक कुमार ने उपभोक्ता आयोग में दाखिल परिवाद में कहा था कि उसने आटा चक्की चलाने के लिए सात हॉर्स पॉवर का बिजली कनेक्शन लिया था। जिसका वह नियमित भुगतान करता रहा। निरंतर घाटा होने से उसने जून 2013 में आटा चक्की बंद कर दी और समस्त बिजली बिल करीब एक लाख 36 हजार का भुगतान जमा कर कनेक्शन को स्थायी रूप से विच्छेदित करने का प्रार्थना पत्र दिया। मंडावर बिजली घर के जेई ने आश्वासन दिया कि उसका कनेक्शन काट दिया गया है, जेई ने बिजली मीटर भी हटा लिया। जून 2013 से उसने बिजली का उपभोग नहीं किया।
मार्च 2018 में उसे बिजली निगम से एक डिमांड नोटिस तीन लाख 73 हजार रुपये का मिला। जोकि अवैध है। उसने कई बार बिजली निगम से संपर्क किया और नोटिस भेजा। फिर भी बिजली निगम ने कोई उत्तर नहीं दिया और न ही गलत रिकवरी को रोका। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने आदेश दिया कि डिमांड नोटिस वसूल करने के लिए बिजली निगम अधिकृत नहीं है। जून 2013 से 2015 तक का फिक्स चार्ज प्राप्त करने के लिए अधिकृत है।