- मई 2023 तक हाईवे का निर्माण पूरा करने रखा गया था लक्ष्य
- निर्माण में देरी से राहगीर परेशान, यातायात में हो रही दिक्कत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण तय समय तक पूरा नहीं हो पाएगा। दरअसल, मई 2023 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन काम में हो रही देरी से ऐसा संभव दिखाई नहीं दे रहा है। उधर, जगह-जगह सड़क कच्ची होने की वजह से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पानीपत से खटीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है। जिले में बिजनौर से कोतवाली तक की सड़क इसका हिस्सा बन चुकी है। इस सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। अभी करीब 14 किलोमीटर लंबी सड़क ही बन पाई है। बाकी जगह पर मिट़्टी पड़ी हुई है। सड़क के कुछ हिस्सों में महीनों पहले मिट्टी डाली गई थी, जिस पर आज तक पत्थर भी नहीं डाला गया है। ऐसे में कच्ची सड़क से लोग गुजरते हुए भी परेशान होते हैं। अगर बारिश हो जाती है तो यही कच्ची सड़क लोगों के लिए मुश्किल बन जाती है।
नहीं बन सकी अंडर पास की सर्विस रोड
इस हाईवे पर पीलीचौकी, बरुकी और महेश्वरी जट में अंडर पास तो बनकर तैयार हो गए हैं, लेकिन इन पर अभी ट्रैफिक चालू नहीं हो पाया है। ट्रैफिक गुजर रहा है अंडरपास के दोनों तरफ बनाई गई सर्विस रोड से। ये सर्विस रोड भी अभी कच्ची है, जिन्हें डामर से नहीं बनाया गया है। जबकि करीब एक साल से लोग पथरीली सर्विस रोड से गुजरने को मजबूर हैं।
पुल के पिलर खड़े किए, निर्माण पूरा होना बाकी
कई छोटे पुल तो बना लिए गए हैं, लेकिन छोईया नदी, बरुकी नहर, पीली चौकी के पास रजबहा का पुल, बान नदी का पुल, कोतवाली देहात के पास तीन नहरों के पुल निर्माण के लिए पिलर खड़े कर दिए गए हैं। जिन पर अभी गऍर्डर नहीं रखे गए हैं। इन पुलों के निर्माण को बनाए गए बाईपास मार्ग भी अभी तक कच्चे हैं।