नजीबाबाद के गांव सरबनपुर के पास अधूरा पड़ा फोरलेन हाईवे का निर्माण।
बिजनौर। करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत से हरिद्वार से काशीपुर तक हाईवे को फोरलेन में तब्दील किया जाना था। हालांकि नजीबाबाद से काशीपुर तक हाईवे काफी पहले बनकर तैयार हो चुका है लेकिन नजीबाबाद से हरिद्वार के बीच फोरलेन निर्माण की रफ्तार कछुआ गति से भी मंद रही। नजीबाबाद में इस हाईवे का बाईपास अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
हरिद्वार-काशीपुर फोरलेन नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट में शामिल नजीबाबाद बाईपास का पचास फीसदी काम पूरा होने का दावा अधिकारी करते हैं। इस बाईपास में बिजनौर नजीबाबाद रोड पर ओवरब्रिज निर्माण को पिलर खड़े कर लिए गए हैं। सालों से इस बाईपास पर काम बंद पड़ा था, हालांकि कुछ दिन पहले थोड़ा बहुत काम चालू किया गया है। फिर भी यह अपनी तय समय सीमा में पूरा नहीं हो पाया।
बता दें कि फोरलेन हाईवे को साल 2019 में पूरा कर लिया जाना था लेकिन नजीबाबाद से हरिद्वार के बीच हाईवे का निर्माण आधा अधूरा रह गया। उधर, नजीबाबाद से काशीपुर तक हाईवे फोरलेन हो चुका है, जिसमें टोल भी वसूला जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में मंडावली बाईपास, नजीबाबाद बाईपास, कोतवाली बाईपास, नगीना बाईपास, धामपुर बाईपास और अफजलगढ़ बाईपास शामिल थे। बाकी सभी बाईपास चालू हो चुके हैं। अब केवल नजीबाबाद बाईपास अधूरा रह गया है। दस किलोमीटर लंबा यह बाईपास राहतपुर खुर्द से शुरू होकर कोतवाली रोड पर श्रवणपुर के पास आकर निकल रहा है। जिसमें करीब पचास फीसदी काम ही हो पाया है। कई जगहों पर सड़क भी बनकर तैयार है।
- आधे अधूरे पड़े हैं पुल
नजीबाबाद से हरिद्बार के बीच नदियों पर पुलों का निर्माण किया जाना था। हरिद्वार में गंगा नदी पर भी पुल का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा भागूवाला से हरिद्वार के बीच निर्माणाधीन पुल अभी तक चालू नहीं हो पाए हैं। नजीबाबाद बाईपास में रेलवे ट्रैक पर बनाया जाने वाला पुल भी आधा अधूरा ही पड़ा है। कोटावाली नदी के पुल को अभी तक सड़क से नहीं जोड़ा गया है। जिस कारण वाहनों को रपटे से निकाला जा रहा है। इस बरसात में कई वाहन नदी के उफान में फंस गए थे।