बिजनौर/ दारानगर। कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा स्नान मेला अवसर पर पतित पावनी के तट पर आस्था और उल्लास का संगम बना हुआ है। श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाते हुए मंगल कामना की। वहीं युवाओं में मस्ती और उल्लास देखने को मिला। ट्रैक्टर ट्राली और बुग्गी से अपने अपने परिवारों के संग मेले में पहुंचने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा।
रविवार को मां भागीरथी के तट पर लगे गंगा स्नान मेले में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया है। श्रद्धालु जल्दी मेले में पहुंचने को लेकर ट्रैक्टर ट्राली भैंसा बुग्गी वाले आगे निकलने की होड़ में रहे। मेले में महिलाओं और बच्चों ने खरीदारी की। मीना बाजार भी महिलाओं और बच्चों से गुलजार दिखाई दिया। युवा कबड्डी वॉलीबॉल खेलने में व्यस्त दिखाई दिए। चोराहों पर लगी मूर्ति के पास लोगों ने सेल्फी ली।
देर शाम तक मेले में पहुंचते रहे श्रद्घालु
यूं तो मेले में पिछले तीन दिनों से लोगों के पहुुंचने का सिलसिला चल रहा है। जिन्होंने मेले में उपयुक्त जगह देखकर अपने डेर लगा लिए। रविवार को भी सैकड़ों ट्रैक्टर ट्राली और बुग्गी में सवार होकर लोग अपने अपने परिवारों के संग मेले में पहुंचे। जिन्होंने मेले में डेरा जमाया। इसके बाद गंगा स्नान करने के लिए घाट पर पहुंच गए।
ड्रोन और सीसीटीवी से हो रही निगरानी
मेले में सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता बनाए रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी हो रही है। एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ड्रोन और सीसीटीवी की फुटेज पर नजर बनाए रहें। वहीं गंगा की िधारा में पीएसी के गोताखोर मोटरवोट से लगातार चक्कर लगाते रहे। इसके अलावा गंगा में नाव में सवार होकर गोताखोर भी निगरानी करते रहे। वॉच टॉवर से भी मेले और गंगा की धारा में नजर रखी जा रही है।
गंगा की तेज धारा में फिर से कराई बैरिकेडिंग
डीएम उमेश मिश्रा ने एसपी दिनेश सिंह के साथ विदुर कुटी गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले निरीक्षण किया। शांति पूर्वक एवं सुरक्षात्मक रुप से संपन्न कराने के निर्देश दिए। डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि गंगा स्नान मेला पौराणिक धार्मिक पर्व है, जो हमें सांप्रदायिक सौहार्द एवं गंगा-जमुनी तहजीब की सीख देता है। निर्देश देते हुए कहा कि मेले में पॉलिथीन का प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंधित कराएं। मोटरबोट से निरीक्षण करते हुए पाया कि गंगा की धारा में गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए जो बैरिकेडिंग की गई थी, वह जगह जगह से उखड़ गई है। जिसे फिर से लगवाया गया।