दिव्यांग नहीं ले जा रहे रियायत रेलवे यात्रा पास
बिजनौर। दिव्यांगजन रेलवे स्टेशन से अपने दिव्यांग रियायत रेलवे यात्रा पहचान पत्र नहीं ले जा रहे हैं। दिव्यांगता के आधार पर रेल मंत्रालय की ओर से अस्थायी दिव्यांगों के लिए एक वर्ष और स्थायी दिव्यांगों के लिए पांच वर्ष का रेलवे रियायत यात्रा पहचान पत्र जारी किया जाता है। इसके बाद फिर से इन कार्डों का नवीनीकरण किया जाता है। रेलवे कर्मचारी दिव्यांगों को फोन कर थक चुके हैं, लेकिन पिछले लगभग दो साल से किसी भी दिव्यांग ने अपना यात्रा प्रमाण पत्र ले जाना जरूरी नहीं किया। बिजनौर रेलवे स्टेशन पर ऐसे लगभग 300 से भी अधिक यात्रा पास धूल फांक रहे हैं।
शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को रेल में यात्रा के दौरान कोई परेेशानी न हो इसके लिए रेल मंत्रालय के निर्देश पर रेलवे के सभी मंडलीय कार्यालयों से दिव्यांगों के रियायत यात्रा पास जारी किए जाते हैं। संबंधित जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में शारीरिक परीक्षण के बाद पूरा डाटा रेलवे के मंडलीय कार्यालय को भेजा जाता है। वहां से ही दिव्यांगों के पास जारी होते हैं। इससे पूर्व दिव्यांग को ऑनलाइन आवेदन करना होता है और स्लॉट मिलने के बाद नियत तारीख को सीएमओ कार्यालय में पहुंचकर शारीरिक परीक्षण करने के बाद रेलवे के मंडलीय कार्यालय से संस्तुति होने पर रियायत यात्रा प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
स्टेशन अधीक्षक चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि पिछले करीब दो साल से दिव्यांगों के रियायत यात्रा पास स्टेशन पर आए हुए हैं। स्टेशन से कई बाद संबंधित दिव्यांगों को फोन से सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी ने भी अपने पास ले जाना उचित नहीं समझा। इनमें से कुछ पास की तो समाप्ति की तारीख भी नजदीक आने वाली है, लेकिन भी फिर भी दिव्यांग अपने कार्ड नहीं ले जा रहे। उन्होंने दिव्यांगों से अपने पास ले जाने की अपील की है, जिससे वे इसका सदुपयोग कर सकें।