बिजनौर। जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम में कई सालों से अल्ट्रासाउंड सेंटर पर स्टिंग ऑपरेशन कर कार्रवाई नहीं की है। जबकि हरियाणा की टीम स्टिंग ऑपरेशन का हर साल बिजनौर में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापेमारी करती है। अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भ्रूण लिंग के परीक्षण के खेल को हिरयाणा टीम पकड़ चुकी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग बिजनौर की सतर्कता सवालों के घेरे में आती है। शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अल्ट्रासाउंड पर छापामारी करने के लिए टीम बनाई जाए। मगर स्वास्थ्य विभाग शासन के निर्देशों पर खरा नहीं उतर रहा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में हरियाणा की टीम आकर अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापामारी करती है। मगर बिजनौर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभी तक स्टिंग ऑपरेशन कर एक भी छापामारी नहीं की है। ऐसा नहीं है कि जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भ्रूण लिंग परीक्षण का खेल चल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अंजान बना हुआ है।
पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ निरीक्षण करते हैं। अभी तक बिजनौर स्वास्थ्य विभाग ने स्टिंग ऑपरेशन के लिए एक महिला की तैनाती भी नहीं की है। जबकि हर साल दूसरे राज्य की टीम आकर अल्ट्रासाउंड सेंटरों का स्टिंग ऑपरेशन कर रही है। अधिकारी यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि कोई भी महिला डर की वजह से स्टिंग ऑपरेशन करने के लिए तैयार नहीं होती है।
केस नंबर एक
बिजनौर में अलीगढ़ निवासी डॉ मनोज का अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित था। डॉ मनोज के अलग-अलग राज्यों में 18 अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भ्रूण परीक्षण का खेल चल रहा था। शासन की दबिश के बाद सभी राज्यों में डॉ. मनोज के अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापामारी की गई। जिसमें उनका एक अल्ट्रासाउंड सेंटर स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से बिजनौर में भी चलता पाया गया। कार्रवाई कर इस अल्ट्रासाउंड सेंटर को भी सील किया गया था।
हरियाणा टीम ने जिले में इन जगहों पर की छापामारी
केस नंबर एक-
हरियाणा की टीम ने दिसंबर 2017 में बिजनौर स्थित ब्रज क्लीनिक पर भ्रूण की पहचान बताने वाले क्लिनिक पर छापामारी की थी। जिसमें अप्रशिक्षित चार महिलाओं सहित एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान डा. ब्रजवीर सिंह फरार हो गया था। मिली जानकारी के अनुसार डॉक्टर ने भ्रूण परीक्षण करने के लिए 26 हजार रुपये की मांग की थी।
केस नंबर दो-
हरियाणा के गुरुग्राम की टीम ने जनवरी 2022 में बिजनौर के चांदपुर के गांव सकतलपुर मिलक में अल्ट्रासाउंड सेंटर एक पर छापा मारा। इसमें लिंग परीक्षण करने वाले तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था।
वर्जन::
जिले में सब कुछ ठीक चल रहा है। समय-समय पर अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण किया जा रहा है। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।..... डॉ.देवीदास, नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी