बिजनौर। विश्व रक्तदाता दिवस आज मनाया जा रहा है। ऐसे में काफी लोग जरूरतमंदों को रक्तदान कर महादानी बन रहे हैं। रक्तदान करने से गंभीर बीमारियों से छुटकारा मिलता है। जिसे जानने के बाद लोग रक्तदान शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आज मेडिकल अस्पताल में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। रक्तदान शिविर सुबह नौ बजे से दोेपहर दो बजे तक लगेगा।
टीकम सिंह सेंगर ने 60 बार किया रक्तदान
मेडिकल अस्पताल में तैनात टीकम सिंह सेंगर ने बताया कि वह करीब 60 बार रक्तदान कर चुके हैं। जबकि उनकी पत्नी शशि सेंगर ने करीब 40 बार रक्तदान किया है। टीकम सिंह सेंगर का कहना है रक्तदान करने से शरीर काफी हल्का महसूस होता है। रक्तदान करने से कोई नुकसान नहीं होता है।
16 बार रक्तदान कर बने महादानी
संजीव गुप्ता 16 बार रक्तदान कर चुके हैं। विश्व रक्तदाता दिवस सहित अन्य मौके पर वह रक्तदान कर महादानी बन चुके हैं। वह दूसरे लोगों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करते हैं।
15 बार किया रक्तदान
कुशलपाल सिंह 15 बार रक्तदान कर चुके हैं। रक्तदान करने पर उन्हें मेडिकल अस्पताल की ओर से सम्मानित भी किया जा रहा है। उनका कहना है कि रक्तदान करने से शरीर पर कोई असर नहीं पड़ता है।
राजकुमार गुप्ता 51 बार कर चुके हैं रक्तदान
मेडिकल अस्पताल के रक्तकोष से मिली जानकारी के अनुसार राजकुमार गुप्ता करीब 51 बार रक्तदान कर चुके हैं। रक्तदान महादान है। क्योंकि एक यूनिट रक्तदान से चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। रक्तदान कर आप की महादानी बनें।
रक्तदान करने के फायदे
-रक्तचाप, शुगर का खतरा कम होना
-रक्त की सभी जांचें निशुल्क
-दिल की बीमारी का कम होना
-नई रक्तकणिकाओं के बनने से शरीर में नई ऊर्जा का बने रहना
रक्तदान से पहले ये भी जानिए
-एक बार में लिया जाता है 350 मिलीग्राम खून
-तीन महीने के अंतराल पर ही करें रक्तदान
-24 घंटे में पूरी हो जाती है रक्तदान से हुई खून की कमी
-एक यूनिट ब्लड से मिलता है प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, आरबीसी और क्रायो
आज ज्यादा से ज्यादा लोग करें रक्तदान: डॉ. संजय कुमार शंकर
मेडिकल अस्पताल के रक्तकोष अधिकारी डॉ. संजय कुमार शंकर ने बताया कि रक्तदान करने से शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग 14 जून को रक्तदान करें। आप रक्तदान कर कई लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं।