बिजनौर में भाजपा और सपा से टिकट नहीं मिलने वाले नेताओं ने अब रालोद की ओर रुख कर लिया है। ये नेता रालोद के दिल्ली दरबार में टिकट पाने के लिए आकाओं के परिक्रमा करने लगे हैं। टिकट पाने के लिए सिफारिश लगानी शुरू कर दी है।
जिले की आठ विधानसभा सीटों में भाजपा के टिकट के एक सीट पर कई दावेदार हैं। जिन नेताओं को टिकट मिलना है, उनके नाम लगभग प्रकाश में आ गए हैं। रविवार की देर रात तक भाजपा के प्रत्याशियों की सूची जारी होने की उम्मीद है। भाजपा के जिन दावेदारों को टिकट नहीं मिल रहा, उनका भाजपा से मोहभंग होने लगा है। इन नेताओं ने रालोद की ओर अपना रुख कर लिया है। रालोद का टिकट पाने की जुगत में लग गए हैं। कई भाजपा नेताओं ने रालोद के दिल्ली स्थित कार्यालय में परिक्रमा करनी शुरू कर दी है। टिकट के लिए वे अपनी सिफारिश लगवा रहे हैं। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद से रालोद के पास जिले की सीटों पर चुनाव लड़ाने के लिए प्रत्याशियों का टोटा था। रालोद को कोई दमदार प्रत्याशी नहीं मिल रहे थे।
रालोद, सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बात चलने से समीकरण बदलने लगे हैं। रालोद के दरबार में अन्य दलों से टिकट नहीं मिलने वाले पहुंचने लगे हैं। सपा ने नहटौर सीट पर जिन दावेदारों को नजरअंदाज किया था, वे दावेदार भी रालोद के दरबार में पहुंच रहे हैं। रालोद नेताओं के मुताबिक जिले का एक सपा प्रत्याशी तो कई दिन से टिकट पाने के लिए रालोद के कार्यालय पर चक्कर लगा रहा है। यही हाल भाजपा व सपा के कई अन्य नेताओं का है। रालोद जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने कई भाजपा और सपा नेताओं की उनकी पार्टी से टिकट मांगने की पुष्टि की है।