बिजनौर में चार थानों की पुलिस ने विधानसभा चुनाव में प्रयोग के लिए बेचे जाने वाले हथियारों का जखीरा पकड़ा है। इसके साथ नौ सौदागर भी गिरफ्तार किए गए हैं। पकड़े गए हथियार बिजनौर के अलावा मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, अमरोहा, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और कोटद्वार में बेचे जाने थे। पुलिस ने 150 से ज्यादा तमंचे, चार रिवाल्वर, दो बंदूक, राइफल और पिस्टल समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
एसपी अजय साहनी के मुताबिक धामपुर सीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने गांव फतेहपुर लाल उर्फ उदुपुरा के जंगल से नूरपुर थाने के गांव सोलन निवासी नासिर को दबोचा। नासिर ने बताया कि नूरपुर रोड पर विराल नहर की पुलिया के पास जंगल में गांव चेहलापुर निवासी तेज सिंह तमंचे बनाने और बेचने का काम कर रहा है। वहीं मंडावर रोड पर मालन नदी के पास जनपद शामली के गांव कैराना निवासी इरफान और नगीना क्षेत्र के रायपुर तिराहे के जंगल में सर्वेश तमंचे बनाकर बेच रहा है।
इस जानकारी के बाद ही पुलिस ने तेज सिंह और नूरपुर के मोहल्ला इस्लामनगर निवासी यादराम को भी पकड़ लिया। मालन नदी के पास से पुलिस ने इरफान के अलावा ऊमरी निवासी शमशाद, लियाकत, शाहिद, नगीना थाने के गांव सैदखेड़ी निवासी सर्वेश कुमार और कोतवाली देहात के गांव बांकपुर निवासी विपिन कुमार को रायपुर के जंगल से दबोच लिया। ये लोग रायपुर के जंगल, मालन नदी के पास खंडहरनुमा मकान और विराल की पुलिया के पास जंगल में अवैध शस्त्रों की फैक्ट्री चला रहे थे।
बता दें कि चुनाव के दौरान ही पुलिस ने इतने बड़े स्तर पर हथियारों का जखीरा पकड़ा है। पुलिस ने चुनाव से पहले ऐसे गैंग को पकड़ने के प्रयास क्यों नहीं किए। इस पर खाकी सवालों के घेरे में है।
मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, कोटद्वार सहित अन्य जिलों से थी मांग
पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से 32 बोर के चार रिवॉल्वर, दो बंदूक, दो राइफल, एक पिस्टल (32 बोर), 12 बोर के 80 तमंचे, 32 बोर के 87 तमंचे, भारी मात्रा में नाल, बॉडी और उपकरण बरामद किए हैं। पूछताछ में बताया गया कि 12 बोर का तमंचा पांच हजार में, 315 बोर का छह हजार, बंदूक और राइफल 30 हजार रुपये, रिवॉल्वर एवं पिस्टल 40 हजार रुपये में बेचते थे। बिजनौर के अलावा मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, अमरोहा, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और कोटद्वार में असलहों की भारी मांग हो रही थी। गैंग के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि पिस्टल और रिवॉल्वर नजीबाबाद थाने के गांव कनकपुर निवासी शाह आलम और शहनवाज से खरीदते थे। एसपी ने अवैध हथियारों का जखीरा पकड़ने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
सौदागर तो पकड़े मगर खरीदारों का न हुआ खुलासा
पकड़े गए गैंग ने किन लोगों को असलहे बेचे हैं, पुलिस ने उन लोगों को पकड़ने की जहमत नहीं उठाई। पुलिस सूत्राें के मुताबिक फैक्ट्री चलाने वालों ने जिन लोगों को हथियार बेचे हैं। उनमें से कुछ के नाम भी बताए हैं। लेकिन पुलिस ने ऐसे खरीदारों को न तो अब तक उजागर किया है और न ही उन पर कार्रवाई की है। एसपी का कहना है कि हथियारों के सौदागरों का नेटवर्क खंगालकर अन्य आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।