निरीक्षण के दौरान मरीजों का हालचाल पूछते सीएमओ डॉ.सुखबीर सिंह।
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नूरपुर में ग्राम चेहला व रवाना में बुखार से कई व्यक्तियों की मौत के बाद रविवार को सीएमओ ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए रक्त के नमूनों की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने पर सीएमओ से विरोध जताया।
बुखार के कारण गांव चेहला व रवाना शिकारपुर में 10 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। बुखार के प्रकोप के कारण गांव में दहशत बनी हुई है। रविवार को मख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुखवीर सिंह ने टीम के साथ दोनो गांवों का दौरा कर बुखार से मरने वालों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों से गांव की साफ सफाई रखने पर जोर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव से एएनएम के गांव से नदारद रहने व एएनएम सेंटर के खस्ताहाल होने की शिकायत की। ग्रामीवासियों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुखार के मरीजों की बनाई गईं रक्त पट्टिकाओं की अभी तक जांच रिपोर्ट उपलब्ध न होने पर विरोध जताया। सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को रक्त के नमूनों की जांच कराकर रिपोर्ट शीघ्र ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों का परीक्षण किया और दवाईया वितरित कीं। इससे पूर्व गांव रवाना में पहुंचे सीएमओ ने कहा कि साफ सफाई रखने से ही बीमारियों को दूर रखा जा सकता है। उधर, एसडीएम चांदपुर आजाद भगत सिंह ने कहा कि गांव चेहला में उनके द्वारा साफ सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कैसे मिले मलेरिया और डेंगू से राहत
अगर आपको बुखार है और जिला अस्पताल में ब्लड टेस्ट कराकर उपचार कराने की सोच रहे हैं तो जरा जल्दी पहुंचे। अगर चिकित्सक को दिखाने के बाद आपको ब्लड सैंपल देने में 11 बजे गए तो आपका ब्लड टेस्ट नहीं हो पाएगा। एक दिन सिर्फ में आपका उपचार होगा। अगले दिन ब्लड सैंपल लेने और उसकी जांच के बाद आपका ठीक से इलाज शुरू कराया जाएगा। जिले में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल में भी प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज दवाई लेने जा रहे हैं। चिकित्सकों ने मरीज की हालत के अनुसार उनके ब्लड टेस्ट के लिए भी लिखा जा रहा है। लेकिन जिला अस्पताल में ब्लड टेस्ट कराना इतना आसान नहीं है। अगर मरीज ब्लड टेस्ट कराने के लिए चिकित्सक द्वारा लिखा पर्चा लेकर 11 बजे तक लैब न पहुंचे तो उसका ब्लड सैंपल नहीं लिया जाता है। ब्लड सैंपल लेने के लिए उसको अगले दिन आना होता है। वहीं अगर मरीज को दो बजे तक ब्लड रिपोर्ट न मिले तो चिकित्सक ड्यूटी का समय पूरा होने पर उठ जाते हैं। दवा के लिए मरीज को अगले दिन फिर से आना होता है। यानि ब्लड टेस्ट कराने में दो दिन तक लग रहे हैं।
निरीक्षण में स्टाफ मिला गैरहाजिर
स्योहारा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तीन डॉक्टर, चार स्टाफ नर्स तथा दो डीपीटी अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने इनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएचसी पर रविवार को भी मरीजों की भारी भीड़ रही। सामुदायिक समुदाय केंद्र पर गांव रवाना शिकारपुर के बुखार से पीड़ित अधिकतर लोग भर्ती हैं। रविवार को सीएमओ डॉ. सुखवीर सिंह तथा जिला मलेरिया अधिकारी ने सीएचसी का निरीक्षण किया। सीएमओ ने पाया कि डॉ. जावेद, डॉ. नवेद इकबाल तथा डॉ. संजय विश्वकर्मा, स्टाफ नर्स चित्रा चौहान, सिंधू रानी, प्रतिभा चौहान और नीरज चौहान तथा डीपीटी उमेश कुमार व सुमित अनुपस्थित हैं। सीएमओ और जिला मलेरिया अधिकारी ने गांव रवाना शिकार पुर का भी दौरा किया।