फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट के इंतजार में लटक जाएगी नहरों की सफाई

विज्ञापन
बिजनौर क्षेत्र में नहर में जमी खास। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
बिजनौर। बरसात से पहले नहरों को साफ करने का काम इस बार बजट के इंतजार में अटक सकता है। जिले की करीब 150 नहरों की सफाई 15 अप्रैल से शुरू होनी थी, लेकिन अभी तक शासन से बजट को मंजूरी ही नहीं मिली है।
विज्ञापन

पूर्वी गंगा की नहरें बरसात में पानी से लबालब हो जाती हैं और दीपावली तक ये नहरें लगभग सूख जाती हैं। बीच-बीच में हरिद्वार से किसानों की फसलों के लिए मांग बढ़ने पर नहरों में पानी छोड़ दिया जाता है। जिले में पूर्वी गंगा की छोटी व बड़ी 150 नहरें हैं, जो सर्दियों में घास, सिल्ट से अट जाती हैं। बिजनौर की नहरों की सफाई कराने की जिम्मेदारी पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड दो हरिद्वार, पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड छह बिजनौर, पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड चार बिजनौर व सिंचाई खंड बिजनौर की होती हैं। ये सभी खंड हर साल 15 अप्रैल से 15 जून तक नहरों की सिल्ट की सफाई कराते हैं। इसके लिए विभाग ने चार करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में इस बार सफाई का काम अटक सकता है। तमाम नहरें व रजवाहे सिल्ट व झाड़ियों से अटे पड़े हैं। यदि नहरों में झाड़ियों और सिल्ट की सफाई नहीं हुई तो बरसात में इनमें उफान आ जाएगा। ऐसे में कई नहरों, रजबहों के टूटने का खतरा भी बन सकता है। यदि ऐसा होता है तो किसानों की फसलों को इससे भारी नुकसान होगा।
नहीं मिली बजट को मंजूरी: प्रमोद कुमार
पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड दो हरिद्वार के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार के मुताबिक बिजनौर जिले में पूर्वी गंगा की 150 नहरें हैं। इनकी सफाई के लिए चार करोड़ के बजट का प्रस्ताव शासन को भेजा था, पर अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें