फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुलेमान की मौत में पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट

विज्ञापन
विज्ञापन
सुलेमान की मौत में पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट
विज्ञापन

बिजनौर। नहटौर में सीएए के विरोध में हुए बवाल मेें सुलेमान की गोली लगने से मौत के मामले में एसआईटी की टीम ने पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दे दी है। सुलेमान के परिजनों ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजेश सोलंकी समेत छह पुलिसकर्मियों पर सुलेमान की हत्या का आरोप लगाया था। एसआईटी की टीम ने विवेचना के दौरान पाया था कि सुलेमान खुद उपद्रवी था और उपद्रवियों के साथ पुलिस पर हमला कर रहा था। एसआईटी के अलावा मजिस्ट्रियल जांच में भी पुलिसवालों को क्लीन चिट दी गई है।
नागरिक संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर 2019 को नहटौर में जमकर बवाल हुआ था। उपद्रवियों ने थाने पर हमला बोलकर पुलिस की तीन गाड़ी जला डाली थीं। दरोगा आशीष तोमर का पिस्टल लूट लिया था जो बाद में दबोचे गए उपद्रवियों के पास से मिला। उपद्रवियों के हमले में तत्कालीन नहटौर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश सोलंकी, दरोगा आशीष तोमर, सिपाही मोहित समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। सुलेमान व अनस की गोली लगने से मौत हुई थी। ओमराज सैनी भी गोली लगने से घायल हुआ था। सुलेमान के बड़े भाई शुऐब मलिक ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजेश सोलंकी, दरोगा आशीष तोमर, सिपाही मोहित व तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी थी कि उसका भाई सुलेमान नमाज पढ़कर घर लौटा था। रात में पुलिस ने उसे पकड़ लिया और एक गली में ले जाकर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
विज्ञापन

पुलिस की ओर से पूरे बवाल के मामले में दर्ज हुई रिपोर्ट में शुऐब मलिक की तहरीर को भी शामिल कर लिया गया था। सीएए से जुड़े मामलों में जिले भर में दर्ज हुए मुकदमों की विवेचना के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने विवेचना के दौरान सुलेमान की मौत के मामले में सभी पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट दे दी है। कहा है कि सुलेमान की हत्या में इनका कोई हाथ नहीं रहा। बवाल के दौरान गोली लगने से उसकी मौत हुई है। सुलेमान खुद उपद्रवी था व उपद्रवियों के साथ पुलिस पर हमला कर रहा था।
विज्ञापन

---------- कोट
एसआईटी की जांच में सभी पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट मिली है। मजिस्ट्रीयल जांच में भी पुलिसवालों को दोषी नहीं माना गया है। जांच के दौरान पाया गया कि सुलेमान खुद एक उपद्रवी था और पुलिस पर हमला करने वालों में शामिल था - संजीव त्यागी, एसपी बिजनौर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें