- पुलिस पर लगाया नगर के अंदर से न जाने देने का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
शेरकोट। परंपरागत मार्ग से अपने गंतव्य की ओर जाने को लेकर बुधवार शाम में कांवड़ियाें और पुलिस कर्मियों की नोकझोंक हो गई। कांवड़ियों का कहना है कि अब तक वह नगर के भीतर मार्ग से होकर रवाना होते रहे हैं, लेकिन अबकी बार पुलिस उन्हें इस मार्ग से जाने से रोक रही है। हालांकि काफी देर तक हंगामा होने पर बाद में पुलिस ने कांवड़ियों को शांत कर परंपरागत मार्ग से जाने दिया।
गौरतलब है कि पुलिस प्रशासन की ओर से हाईवे 74 को कांवड़ियों के लिए वन वे कर रखा है। हाईवे के प्रत्येक कट पर वैरिकेडिंग लगाकर वहां पुलिस की तैनाती कर रखी है। बुधवार शाम दमखोड़ा, बहेड़ी जनपद बरेली निवासी जितेंद्र, रिंकू, महेंद्र, कमल, अरविंद, अविनाश, राजकुमार, महेश, प्रदीप, बबलू, रोहित आदि कांवड़िये जत्थे के रूप में हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बम भोले के जयघोष के साथ जा रहे थे। शेरकोट में जत्थे ने पुलिस व्यवस्था को दरकिनार कर नगर के भीतर से रवाना होने का प्रयास किया तो वहां पर पुलिस ने रोक लिया और आगे जाने से मना कर दिया।
जिसे लेकर कांवड़ियों को आक्रोश फैल गया। घटना के बारे में पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी गई। कुछ ही देर में अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित कांवड़ियों को शांत कर उन्हें परंपरागत मार्ग से ही जाने दिया। इस मामले को लेकर लगभग 20 मिनट तक हंगामा रहा। अपर पुलिस अधीक्षक धर्म सिंह मार्छाल का कहना है कि पुलिस की ओर से कांवड़ियों के सुगमता के लिए व्यवस्था बनाई गई है। पुलिस का प्रयास है कि कांवड़ियों की यात्रा में किसी प्रकार की दिक्क्त न हो। यह बात ठीक है कि पहले नगर के भीतर से ही परंपरागत मार्ग रहा है। जब वह नहीं माने तो उन्हें वहीं से जाने की छूट दे दी गई।