बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में निर्वाचक नामावली के विशेष पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। डीएम ने बताया कि 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
इस प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अतिरिक्त अधिकारियों को नामित कर उनके स्थान निर्धारित कर दिए हैं। फॉर्म 6, 7 और 8 पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं और बीएलओ व संबंधित अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। निर्वाचक नामावली में नाम शामिल कराने के लिए, 1987 से पहले जन्मे मतदाताओं को जन्मतिथि व स्थान प्रमाणित करने वाले अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को स्वयं के साथ माता-पिता के अभिलेख भी अनिवार्य रूप से देने होंगे।
2004 के बाद जन्मे मतदाताओं के लिए भी यही नियम लागू है। अब तक फॉर्म 6 के 5469, फॉर्म 7 के 45 और फॉर्म 8 के 2905 भरे जा चुके हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों और बीएलओ को दावे-आपत्ति निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने बूथ लेवल अभिकर्ताओं को सक्रिय कर सहयोग करने का आह्वान किया, ताकि प्रक्रिया तेज और पारदर्शी रहे। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी वान्या सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी प्रमोद कुमार व विभिन्न दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।