खेल गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेने पाने से बच्चे हुए मायूस
बिजनौर। लॉकडाउन के कारण इस बार समस्त खेल गतिविधियों पर ग्रहण लग गया है। मई-जून में जिला खेल कार्यालय द्वारा बच्चों के लिए क्रिकेट सहित अन्य खेलों के समर कैंप लगवाए जाते रहे हैं। कोरोना के खतरे को देखते हुए इस बार समर कैंप नहीं लगाए जा सके।
गर्मी की छुट्टियां स्कूली बच्चों के मस्ती, उमंग और उत्साह लेकर आती हैं। पढ़ाई से अलग बच्चों का एक एजेंडा होता है। बच्चे गर्मी की छुट्टियों में खेलना और घूमना ज्यादा पसंद करते हैं। छुट्टियां शुरू होने से पहले ही बच्चे तय करके रखते हैं कि इन छुट्टियों में उन्हें क्या करना है। बच्चे परिवार के साथ पिकनिक, पहाड़ी क्षेत्र, झील, बर्फ, मंदिर दर्शन आदि जगहों पर घूमने जाते रहे हैं। मई और जून में स्टेडियम और खेल मैदान भी बच्चों से गुलजार होते थे। मई में मैदानों में क्रिकेट आदि खेलों के समर कैंप लगने शुरू हो जाते हैं। बच्चे यहां क्रिकेट, फुटबाल, वॉलीबाल, हॉकी, बैडमिंटन खेलकर जमकर मस्ती करते हैं। खेल मैदान सुबह-शाम बच्चों से भरे रहते थे। कोरोना के कारण दो महीनों से बच्चे अपने घरों में कैद हैं। खेल नहीं पाने से बच्चों के मन में मायूसी है। मई बीतने को है। नया सत्र शुरू होने में एक महीना ही बाकी रह गया है। अब उम्मीद कम ही है कि खेल कार्यालय जून माह में खेल गतिविधियों को सामान्य रूप से शुरू करा पाएगा।
जिला उप क्रीड़ाधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम को अभी बच्चों के लिए नहीं खोला गया है। डीएम और खेल निदेशायल लखनऊ से इस संबंध में अभी तक नए दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। अनुमति मिलने के तक किसी को स्टेडियम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।