किरतपुर। क्षेत्र में कराई जा रही एक नाबालिग लड़की की शादी को बाल कल्याण विभाग की टीम ने रुकवा दिया। टीम ने दोनों पक्षों के बात की। इसके बाद विवाह को स्थगित कर दिया गया। क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति अपनी 16 वर्षीय पुत्री का विवाह बिजनौर निवासी युवक से करा रहा था। विवाह की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और बरात भी लड़की पक्ष के घर पहुंच गई थी। इसी दौरान किसी माध्यम से बाल विवाह की सूचना बाल कल्याण विभाग को मिली। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और विवाह की रस्में रुकवा दीं। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी दी और बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह कराना दंडनीय अपराध है। टीम ने परिजनों और मौजूद लोगों को समझाया कि बाल विवाह से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। समझाने के बाद दोनों पक्षों ने विवाह स्थगित करने पर सहमति जता दी। इस मामले में किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। विभागीय अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह का मामला सामने आने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।