नहटौर। प्राइवेट अस्पताल से प्रसव के बाद बच्चा गायब होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। घंटों हंगामा चलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अस्पताल स्टाफ को हिरासत में लिया है। परिजनों ने बच्चा बेचने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
नहटौर के मोहल्ला छापेगरान निवासी तेजवीर सिंह ने अपनी पत्नी ललिता को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार सुबह को नहटौर कोतवाली मार्ग पर एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में ललिता ने एक बच्चे को जन्म दिया। जब उन्होंने बच्चा दिखाने को कहा तो अस्पताल प्रशासन ने बच्चा नहीं होने की बात कही। अस्पताल स्टाफ पेट में पानी निकलने की बात कहता रहा। इसको लेकर परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर बच्चा बेचने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। दर्जनों लोगों ने नहटौर कोतवाली मार्ग पर जाम लगाने की चेतावनी देने पर पुलिस हरकत में आई। घंटों तक अस्पताल के सामने हंगामा चलता रहा। कई थानों की पुलिस के साथ सीओ महावीर सिंह रजावत मौके पर पहुंचे। स्टाफ से कड़ाई से पूछताछ करने पर एक मृत अविकसित बच्चे की अस्पताल की एक नर्स ने बरामदगी कराई। पुलिस ने अविकसित बच्चे को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल सत्य प्रकाश सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं पीड़ित परिजनों का कहना है कि यह बच्चा नहीं है। बच्चे को गायब कर बेच दिया गया है।