बिजनौर के मोहल्ला खत्रियान में मकान की छत गिरने से हुई बच्चे की मौत पर विलाप करते परिजन।
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बिजनौर। जर्जर मकान की छत गिरने से दंपती और उनके दो बेटे मलबे में दब गए। आस पास के लोगों ने मलबा हटाकर चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक पांच साल के बालक की मौत हो गई। दंपती को मामूली चोट आई है, जबकि इनके आठ वर्षीय बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली और मदद का भरोसा आश्वासन दिया।
बिजनौर शहर के मोहल्ला खत्रियान में इकरार (35) पुत्र इंतेखाब, पत्नी सन्नो और पांच बच्चों के संग दो कमरों के मकान में रहता है। यह मकान जर्जर हालत में था, पिछले दिनों एक दीवार गिरी थी, जिसे ठीक कर लिया गया था। अब सोमवार की दोपहर इकरार अपनी पत्नी और दो बेटों सैफ (आठ) व कैफ (पांच) के साथ कमरे में सोये हुये थे। इस दौरान मकान का लिंटर भरभराकर गिर पड़ा। तेज आवाज सुनकर मोहल्लेवासी मौके की ओर दौड़ पड़े। मोहल्लेवासियों ने मलबे हटाकर चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक कैफ की मौत हो गई। वहीं सैफ गंभीर घायल हो गया, दंपती को मामूली चोट आई।
जाटान पुलिस चौकी प्रभारी जुगेंद्र तेवतिया ने मौके पर पहुंचकर घायल बच्चे को उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया। उधर पांच वर्षीय बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। परिजनों ने मृतक बालक के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। एसडीएम सदर मोहित कुमार, सीओ सिटी अनिल कुमार ने घटनास्थल का मुआयना कर आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। उधर चेयरपर्सन के पति शमशाद अंसारी ने बताया कि वे इस दुख में शामिल हुए। जो आज की जरूरत थी, उसे पूरा कराया गया। मकान निर्माण में भी परिवार का सहयोग किया जाएगा।