नूरपुर में जिले में बुखार के कारण कोहराम मचा हुआ है। बुखार के कारण आए दिन हो रही मौतों से लोगों में दहशत का माहौल है। मंगलवार को चेहला में बुखार के कारण दो महिलाओं की मौत हो गई। गांव में अभी भी बुखार से सैकड़ों लोग पीड़ित हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद भी ग्राम चेहला और रवाना में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को बुखार के कारण रवाना में जहां तीन लोगों की मौत हुई थी। वहीं, मंगलवार को गांव चेहला निवासी केला देवी पत्नी रोहताश एवं कमलेश देवी पत्नी नत्थू सिंह ने बुखार के कारण दम तोड़ दिया। दोनों महिलाएं कई दिन से बुखार से पीड़ित थीं। उनका मुरादाबाद के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। एक ही दिन में गांव में बुखार के कारण हुई दो मौतों के कारण ग्रामीणों में दहशत पसर गई। ओमकार आर्य, नरेश कुमार, योगेंद्र सिंह आदि ने बताया कि सोनी पुत्री सुरेंद्र को डेंगू की पुष्टि हुई है।
उसका मुरादाबाद के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा पंकज, सुहेल, अख्तर, अर्जुन, तारा देवी, अभय आदि सैकड़ों ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। हालत गंभीर होने पर कई मरीजों को मुरादाबाद के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि बुखार से हो रही लगातार मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों की सुध नहीं ले रहा है। गांव में लगे कैंप में बनाई गईं रक्त पट्टिकाओं की जांच रिपोर्ट भी ग्रामीणों को उपलब्ध नहीं कराई गई है। मजबूरी में ग्रामीण निजी लैब पर खून की जांच करा रहे हैं।
नूरपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. कुनाल ने बताया कि चेहला में दो महिलाओं की मौत होने की उन्हें सूचना मिली है। दोनों का मुरादाबाद में इलाज चल रहा था। मौत का कारण बुखार था या कुछ और यह दोनो की जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही पता लगेगा। उन्होंने कहा कि बुधवार को पीड़ितों की मदद के कैंप लगाकर जांच की जाएगी।