फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चांदपुर में विकास कार्यों की तस्वीर काफी धुंधली

Tue, 10 Jan 2017 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
विज्ञापन
चांदपुर क्षेत्र के गाम दत्तियाना में गंगा के ऊपर अधूरा पूल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 चांदपुर (बिजनौर)। चांदपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की तस्वीर हकीकत में काफी धुंधली है। गंगा हर साल बरसात में कटान करके कहर बरपाती रही है। मेरठ को जोड़ने वाले गंगा के ऊपर बना पुल अधूरा पड़ा है। अभी तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली। सड़क और बिजली की हालत भी काफी खस्ता है। इस क्षेत्र के लोगों का मानना है कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी विकास के वादे तो खूब करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सब भूल जाते हैं। इस क्षेत्र के लोगों ने कहा कि स्कूल और सड़कों की बदहाली के कारण लोगों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

 एक समय था कि चांदपुर विधानसभा सीट मिनी छपरौली के नाम से जानी जाती थी। यह सीट जाट नेताओं के लिए मुफीद रही है। जाट नेताओं में इस सीट पर चुनाव लड़ने को लेकर मारामारी मची रहती थी। ये एक ऐसी सीट रही है, जिस पर चौधरी चरणसिंह के  परिवार की भी नजर टिकी रहती थी। जाट और मुस्लिम इस सीट पर निर्णायक भूमिका निभाते आए हैं। चांदपुर विधानसभा क्षेत्र ऐतिहासिक भी है। इस क्षेत्र के गांव सैंदवार में गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम है। कहा जाता है महाभारत  काल में गुरु द्रोणाचार्य ने इस आश्रम में ही कौरव व पांडवों को शस्त्र चलाने की शिक्षा दी है। आज भी ये आश्रम सैंदवार में मौजूद हैं। चांदपुर में वेस्ट यूपी सबसे बड़ी गुड़ और शीरा मंडी है। शीरा मंडी का काम तो कम हो गया है, पर गुड़ मंडी का कारोबार अन्य के मुकाबले काफी बेहतर है। गैर राज्यों तक यहां से गुड़ जाता हैं। नए परिसीमन में चांदपुर क्षेत्र के बड़ी तादात में हल्दौर क्षेत्र के जाट नहटौर विधानसभा  क्षेत्र में व झालू व गंज क्षेत्र के जाट बिजनौर विधानसभा में चले जाने से इस सीट का मिनी छपरौली का रुतबा खत्म हो गया है। पिछले दो चुनाव से इस सीट पर बसपा ने कब्जा कर रखा है। 1996 में पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश इस सीट पर पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़कर विधायक बने। वर्ष 2002 में स्वामी ओमवेश लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़कर दूसरी बार विधायक बने। 2007 के चुनाव में बसपा के इकबाल ठेकेदार ने इस सीट पर अपना कब्जा जमा लिया। 2012 के चुनाव में भी इकबाल ठेकेदार  इस सीट पर कामयाब हो गए। इस बार भी इकबाल ठेकेदार  बसपा के  टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव का बिगुल बजते ही नेताओं ने लोगों  के बीच जाना शुरू कर दिया है। फिर से नेता पुराना राग अलाप रहे र्है। लोगों से विकास कराने के साथ सभी समस्या के हल कराने का वादा करने का खेल नेताओं ने शुरू कर दिया हैं। 

मुस्लिम वोट निर्णायक हालत में
 चांदपुर सीट पर एक लाख से ज्यादा मुस्लिम मतदाता चुनाव के निर्णायक हालत में हैं। मुस्लिमों का पलड़ा जिस ओर झुक गया वही आसानी से विधायक बन जाता रहा है। मुस्लिमों पर सपा व बसपा दोनों दल सब्जबाग दिखाकर डोरे डाल रहे हैं। बसपा दलितों व मुस्लिमों के सहारे अपनी नैया पार करने की कोशिश में जुटी है। सपा मुस्लिम व अन्य बिरादरी के बल पर चुनाव जीतना चाहती है। सीट पर 48 हजार दलित, 35 हजार जाट, 25 हजार सैनी, 28 हजार चौहान भी है। दलित भले ही बसपा का वोट बैंक रहा हो, पर भाजपा भी दलितों पर डोरे डाल रही है। बसपा ने इकबाल ठेकेदार व सपा ने शेरबाज पठान को प्रत्याशी बनाया है। बाकी दलों ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। 
विज्ञापन


गंगा पर पुल का  निर्माण नहीं हुआ पूरा
पिछले दस साल से दत्तियाना के पास गंगा के ऊपर बनना शुरू हुआ पुल का निर्माण रुका हुआ है।  इस पुल के बनने से चांदपुर से  मेरठ की दूरी 60 किलोमीटर रह जाएगी। चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों से इस पुल को पूरा कराने की मांग होती आई है। पुल को पूरा कराने के वादे तो खूब हुए पर पूरे नहीं किए गए। चुनाव में पुल का निर्माण भी मुद्दा बनेगा। 

 गंगा का कटान भी बनेगा मुददा
बरसात के दिनों में खादर क्षेत्र में गंगा हर साल कहर बरपाकर  कटान करके फसलो ंको बर्बाद करती रहती है। चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि  इस समस्या से निजात दिलाने का लोगों से वादा करते रहते हैं, पर चुनाव जीतने के बाद इसे भूल जाते है। समस्या जस की तस र्है। चुनाव में गंगा का कटान भी मुद्दा बनेगा। 
 नहीं हुआ चांदपुर - हल्दौर मार्ग चौड़ा  
चांदपुर से हल्दौर जाने वाले मार्ग मार्ग को चौड़ा कराने की अर्से से मांग होती आई हैं । हर बार चुनाव में इस सड़कों को चौड़ा कराने का प्रत्याशी वादा करके जाते हैं। बाद में सब भूल जाते हैं। क्षेत्र के लोग इस बार भी प्रत्याशियों के सामने इस मुद्दे  को रखेगें। 
बिजली भी बनेगी मुददा
 चांदपुर के अलावा देहात क्षेत्र में बिजली रुलाती रहती है। चुनाव के दौरान बिजली की समस्या से पीछा छुड़ाने का जनप्रतिनिधि वादा करते हैं। हालांकि इस समस्या के बारे में कुछ नहीं करते हैं। देहात क्षेत्र में बिजली का हाल बुरा है। गर्मी के दिनों में लोग बिजली को तरसते रहते हैं। 
नहरों में नहीं आता पानी  
नहरों में पानी नहीं आने की मांग भी किसान उठाते आए हैं। नहरों में पानी नहीं होने से किसानों की फसलें चौपट रहती र्है। किसान चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के सामने नहरों में पानी आने का मुद्दा  रखते हैं। प्रत्याशी लोगों से इस समस्या को खत्म कराने का वादा भी करते हैं। हालांकि नहरों में पानी नहंी आने की समस्या जस की तस बनी हुई हैं। 
 विधायक इकबाल ठेकेदार पिछले 15 सालों से जनता के बीच रहकर क्षेत्र की राजनीति करते रहे हैं। पिछले दो बार से वह विधायक हैं। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं से निजात दिलाने में कोई कसर नही छोड़ी। जरूरत पड़ने पर हर वक्त जनता के बीच रहे हैं। इस बार भी वह चुनाव लड़ रहे हैं। क्षेत्र की  जनता के बीच वह अपने काम के दम पर जा रहे हैं। जनता ने भी चुनाव में  विधायक का खूब  साथ दिया है। विधायक को अपने वेाटरों पर पूरा भरोसा हैं। 
विज्ञापन

बसपा विधायक  इकबाल ठेकेदार
 चांदपुर विधान सभा क्षेत्र 
कुल वोटर         303353
महिला वोटर        140627
पुरुष वोटर         162726
पोलिंग सेंटर         207
पोलिंग स्टेशन         336
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें