- कोतवाली ब्लाॅक के गांव भोगपुर में प्रशासन की ओर से लगाई गई चौपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। प्रशासन ने अनुसूचित जातियों और जनजाति के परिवारों की समस्याओं को जानने के लिए चौपाल कार्यक्रम शुरू किया है। जिले के तीन ब्लाॅकाें में अनुसूचित जनजाति के लोग रहते हैं। शासन का उद्देश्य बोक्सा जाति का जीवन स्तर सुधारने के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैय्या कराना है। सीडीओ पूर्ण बोरा ने कोतवाली ब्लाॅक के गांव में चौपाल लगाकर जमीनी हकीकत जानी।
बोक्सा जाति अनुसूचित जनजाति श्रेणी में आती है। जिले के ब्लाॅक कोतवाली, नजीबाबाद तथा अफजलगढ़ के 09 गांवों में बोक्सा जाति के लोग रहते हैं। सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार तीनों गांवों में बोक्सा जाति के 730 परिवार हैं। शासन ने बोक्सा जाति का जीवनस्तर सुधारने के लिए 12 से अधिक योजना चला रखी हैं। कोतवाली ब्लाॅक के गांव भोगपुर में मंगलवार को चौपाल का आयोजन हुआ। बोक्सा जाति के लोगों को मिल रहीं शासकीय सुविधाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने अधिकारियों को सभी 09 गांवों में चौपाल लगाकर समस्या दूर करने के निर्देश दिए।
ये हैं योजनाएं
शासन के बोक्सा जाति के शत प्रतिशत लोगों को पक्के मकान देने के निर्देश हैं। चौपाल में सामने आया कि अनेक परिवारों के पास पक्के मकान नहीं हैं। बोक्सा परिवारों को मनरेगा में काम देना, राशन सुविधा, वृद्धावस्था पेंशन, शादी अनुदान, वन नियमों के अनुसार भूमि का आवंटन, घरेलू गैस कनेक्शन आदि सुविधाएं उपलब्ध कराना है। योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा होगी।