- अनस इकरार पर गलत प्रमाण पत्र दिखाकर जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप
- जांच के लिए दुबारा आयोजित की जाएगी बैठक
नहटौर। भाजपा प्रत्याशी की शिकायत पर पिछड़ी जाति सत्यापन समिति की ओर से नहटौर की नवनिर्वाचित चेयरपर्सन अनस इकरार के जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन के मामले कि सुनवाई 10 जुलाई 2023 को की जाएगी। बैठक की सूचना दोनों पक्षों को देते हुए उपस्थित होने के निर्देश दिये गये हैं।
निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे महावीर सैनी ने नवनिर्वाचित चेयरपर्सन अनस इकरार के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर जांच की मांग की थी। जिसकी जांच जिलाधिकारी ने पिछड़ी जाति सत्यापन समिति को सौंपी थी। समिति ने प्रमाण-पत्र की जांच के प्रकरण की सुनवाई के लिए 22 जून 2023 को बैठक आयोजित की थी। लेकिन सुनवाई के समय बैठक में नवनिर्वाचित चेयरपर्सन अनस इकरार ने प्रतिभाग नहीं किया था। जिस पर सीडीओ मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोहरा ने फिर से बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शक्ति सरन श्रीवास्तव ने 10 जुलाई 2023 को फिर से बैठक बुलाई है। इस संबंध में भाजपा प्रत्याशी महावीर सैनी ने बताया कि अनस इकरार का जाति प्रमाण-पत्र गलत साक्ष्य प्रस्तुत करके बनवाया गया है। वह किरतपुर के गांव चांडक तुर्क की मूल निवासी थीं। जहां से उनकी जाति तस्दीक होनी थी, लेकिन उनकी जाति तस्दीक दिल्ली से कराते हुए मिरासी दर्शाया गया है, जो पिछडी जाति में आता है। उन्होंने कहा कि वह बैठक में सत्यापन समिति के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेगें।