बिजनौर के धामपुर में बैँकों में बुधवार को भी खाताधारकों की लंबी लाइन रही। अधिकांश एटीएम के शटर गिरने से उपभोक्ताओं को मायूसी हाथ लगी है। कैश नहीं होने की समस्या बताना अब बैँकों की कोई नई बात नहीं रह गई है। उन्होंने बैंकों के अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की है। व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, कासमपुरगढ़ी में पीएनबी के बाहर लोगों ने कैश नहीं मिलने से हाईवे जाम कर दिया।
बेसिक शिक्षा विभाग के रिटायर शिक्षक जंग बहादुर सिंह, नौभहार सिंह ने बताया कि उनका खाता सर्व यूूपी ग्रामीण बैंक में है। उन्हें 24 हजार रुपये की नितांत जरूरत है। बैँक अधिकारी उन्हें चार हजार की रकम थमा रहे हैं। यहां पर बुधवार को बैँक के भीतर लोगों के पैर धरने की जगह नहीं थी। पीएनबी मंडी शाखा के भीतर भी लोगों की भारी भीड़ जमा रही। शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार आर्य स्वयं चेकों को पास कर लोगों को दो-दो हजार की रकम दे रहे थे। एचडीएफसी में एटीएम तो चल रहा था, पर उससे केवल दो हजार का नोट निकल रहा था। लोगों के सामने इस नोट को लेकर दिक्कत इस बात की आ रही है कि वह इतने बड़े नोट को छुट्टा कहां करें। दी अरबन बिजनौर कोआपरेटिव बैंक में कनेक्टिविटी के नहीं होने से दुपहर तक लोगों को परेशानी रही।
उघर, कासमपुरगढ़ी में पीएनबी के बाहर लोगों ने कैश नहीं मिलने के विरोध में हाईवे जाम कर दिया। पुलिस के समझाने के बाद लोगों ने हाईवे समाप्त नहीं किया। लोगों का कहना है कि उनके पास अब सब्जी खरीदने तक को पैसे नहीं हैं। पैसे की उन्हें ज्यादा जरूरत है। बैंक खाते में रकम जमा होने के बाद भी उन्हें कई दिन से प्रयास करने पर भी पैसे नहीं मिल रहे। ऐसे में वे घर परिवार का खर्चा कैसे वहन करें। शेरकोट, हरेवली, रेहड़ , अफजलगढ़ में भी बैँकों की ऐसी ही दशा है। लोग परेशान हैं और बैंक उन्हें पैसे नहीं दे रहे हैं।