बिजनौर। प्रशासन की फटकार के बाद आखिरकार डायलिसिस के वक्त मरीज सरफराज की मौत का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। मामले में महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में डायलिसिस के नोडल डॉ. विक्की आचार्य की तहरीर पर शहर कोतवाली में फर्म संजीवनी एस्केग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दर्ज हुई रिपोर्ट कहा गया कि सीडीओ बिजनौर ने डायलिसिस यूनिट का 13 जून को निरीक्षण किया था। निरीक्षण के वक्त एक मरीज की डायलिसिस की जा रही थी, इस दौरान बिजली चली गई। डीजल नहीं होने के कारण जेनरेटर भी नहीं चल पाया। जिस कारण मरीज मरीज की मौत हो गई। एएसपी सिटी संजीव वाजपेयी ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जा चुका है। विवेचना कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
30 मई को भी हुई थी मौत, जांच टीम गठित
मेडिकल अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में 30 मई को भी मरीज सरफराज की मौत हुई थी। इस मामले का पता चलने पर प्रशासन ने इस मामले की जांच भी शुरू करा दी है। इसमें एडीएम न्यायिक अंशिका दीक्षित, एएसपी सिटी और सीएमओ की टीम गठित की गई है। यह टीम अब इस मामले की जांच करेगी। एडीएम न्यायिक अंशिका दीक्षित ने बताया कि जांच करने के संंबंध में पत्र मिला है। इस मामले की जांच करके जांच रिपोर्ट शीघ्र सौंपी जाएगी।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
डायलिसिस मामले में थाना कोतवाली शहर में दो धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। इसमें बीएनएस की धारा 279, 106 में केस दर्ज हुआ है। इसमें धारा 279 लापरवाही बरतने और 106 ऐसा करने करने, जिससे किसी की मृत्यु हो जाए में लगाई गई है।