फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: तीन किलोमीटर के दायरे में तलाश किया नरभक्षी गुलदार

Mon, 31 Jul 2023 12:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन
- दो हाथियों पर सवार होकर वन विभाग की टीम ने एक घंटा तक चलाया अभियान
विज्ञापन

- तेलीपुरा में गुलदार के हमले से युवक की मौत के बाद आस पास के गांव भी बनी है दहशत
फोटो...
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना (बिजनौर)। तीन किलोमीटर के दायरे में आदमखोर गुलदार को तलाश किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। दुधवा नेशनल पार्क से आई दो हथनियों पर सवार होकर वन विभाग की टीम ने गुलदार को ढूंढा। अब सोमवार को फिर से सर्च अभियान चलाया जाएगा।

बृहस्पतिवार की शाम क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा के समीप जलालपुर के जंगल में गुलदार के हमले में एक 20 वर्षीय संदीप की मौत हो गई थी। जिस पर ग्रामीणों व किसान यूनियन के नेताओं के आक्रोश के बाद हरकत में आए वन विभाग ने हमलावर गुलदार को चिह्नित करने के लिए लखीमपुर खीरी से दो हथिनी बुलाई हैं। नगीना से करीब नौ किलोमीटर दूर तेलीपुरा गांव में पैदल चलकर पहुंचीं दोनों हथिनी रविवार को सिर्फ तीन किलोमीटर ही जंगल में कांबिंग कर सकीं। हालांकि इस दौरान कोई सफलता नहीं मिली। वन विभाग के आला अधिकारियों ने गुलदार को पकड़ने व चिह्नित करने के लिए सात टीमों को भी मैदान में उतार दिया है। गुलदार की हलचल कैद करने के लिए लगाए गए कैमरों में भी अभी तक कुछ नहीं आया है।
विज्ञापन




भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष बलजीत सिंह ने बताया कि भले ही वन विभाग की टीम को गुलदार की कोई लोकेशन नहीं मिल रही है लेकिन अभी भी गुलदार बार-बार अपनी दस्तक देकर ग्रामीणों को डरा रहा हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार की रात्रि गुलदार ग्राम तेलीपुरा में स्थित महेंद्र सिंह के मकान की छत पर पेड़ के द्वारा चढ़ आया था। शोर मचाने पर वह जंगल में भाग गया। उनका दावा है कि रविवार की सुबह जब गांव में कुछ लोग चारा काटने गए तो उन्होंने गन्ने के खेत पर गुलदार को जाते खुद देखा है। उनका कहना है कि इन दोनों घटनाओं की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दे दी गई हैं।

गुलदार की प्रवृत्ति का अध्ययन करेगी टीम



पीलीभीत से आए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया के संयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि उनकी टीम में शामिल डॉ. अनिल नायर, प्रांजलि भुजबल तो घटना स्थल पर पहुंच चुकी है। कहा कि प्रथम दृष्टया यह देखने में आया है कि पकड़े गए गुलदार को आसपास के जंगल में छोड़ना ही बार-बार घटना को जन्म देना प्रतीत होता है। सर्च अभियान के दौरान घटना के आसपास करीब 200-300 मीटर की दूरी पर कई जगह गुलदार के पदचिह्न मिल रहे हैं। एसडीओ बिजनौर ज्ञान सिंह ने बताया कि सात टीमों को अलग-अलग कार्यों पर लगाया गया है। उनका कहना है कि उनके नेतृत्व में मॉनिटरिंग टीम पांच सदस्यों के साथ काम कर रही है। जबकि दूसरी टीम एसडीओ नजीबाबाद अंशुमन मित्तल के नेतृत्व में सभी टीमों को कार्य के लिए निर्देशित करेगी। बाकी अन्य टीमों को भी अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन

एक दिन में सिर्फ 12 किमी चल सकती हैं हथिनी



हथिनियों के दोनों महावतों अयूब खान व मेहताब ने बताया कि रविवार को वह नगीना से जलालपुर पैदल हथिनी को लेकर चले थे। एक दिन में हथिनी अधिकतम 12 किलोमीटर पैदल चल सकती है। नौ किलोमीटर की यात्रा गांव पहुंचने तक पूरी हो गई इसलिए पहले दिन सिर्फ तीन किलोमीटर ही खेतों में कांबिंग का कार्य हो सका। कांबिंग के दौरान हथिनी पर महावत, चारा कटर के अलावा नगीना के वनरक्षक गनर दीपक कुमार व अमानगढ़ से आए मंजूर मलिक मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें