बिजनौर। सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द होने से दुखी होकर आत्महत्या करने वाले शिक्षा मित्रों की आत्मशांति के लिए शिक्षा मित्रों ने कैंडल मार्च निकाला और मृतकों की आत्मा शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया गया।
शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल और हल्दौर क्षेत्र के शिक्षामित्र प्रदर्शनी चौक पर एकत्र हुए। वक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा समायोजन रद्द करने के फैसले को अनेक शिक्षामित्र बर्दाश्त नहीं कर सके और मौत को गले लगा लिया, लेकिन उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
उनके आंदोलन को आगे जारी रखा जाएगा और शिक्षा मित्रों के हक की लड़ाई लगातार जारी रहेगी। कैंडल मार्च शहर में होते कलक्ट्रेट पहुंचा जहां दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मशंाति के लिए प्रार्थना की। सौरभ चौधरी, पोपेंद्र , मोहम्मद वाइज अब्बासी, सूचित मलिक, मरियम, नरगिस आदि रहे।
उधर, धामपुर में नहटौर और धामपुर ब्लॉक के सैकड़ों शिक्षामित्रों ने शनिवार शाम नगर में कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले से आहत सदमे में मरे शिक्षामित्र साथियों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही केंद्र सरकार से एनसीटीई से सुधार करा अवैध नियुक्ति को बहाल कराने की मांग की।
शिक्षामित्रों ने रोडवेज डिपो के निकट क्रांतिकारी नेताजी सुभाषचंद बोस की प्रतिमा के नीचे दो मिनट का मौन रखा और नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। इससे पहले बीआरसी पर सभा हुई। जिसमें एनसीटीई को दोषी ठहराया। इसमें जयवीर सिंह, दिलावर सिंह बबीता, जनेंद्र, ओमकार सुधीर, केशव, चंद्रपताप, प्रीती, अनिल, शरद, अर्चना, अमित प्रताप, परवेंद्र जगदेव सिंह, रविता, आदेश, ममता, अंशु, सुरेखा आदि रहीं।
उधर, नजीबाबाद में शिक्षामित्र धर्मेंद्र तोमर, अहतेशाम अहमद, अरविंद, अमित, देवेंद्र, नागेंद्र सिंह, सोनी, दुर्रे शहबाज, सुनीता, बबीता, सलोनी, सीमा, रीतू, वंदना के नेतृत्व में शिक्षामित्र शनिवार देर शाम स्टैब्स ग्राउंड पर एकत्र हुए।
शिक्षामित्रों ने शिक्षक पद पर तैनाती के बाद न्यायालय के फैसले का विरोध किया। शिक्षामित्रों ने आत्महत्या करने वाले शिक्षामित्रों एवं परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए कैंडिल मार्च निकाला। कैंडिल मार्च स्टैब्स ग्राउंड से शुरू होकर मालगोदाम पर पहुंचकर समाप्त हुआ।