धामपुर। धामपुर रेंज के 13 गांवों में पिंजरे लगाए गए हैं। इनमें मुर्गे भी बंद किए गए हैं लेकिन गुलदार इनमें कैद नहीं हो रहे हैं। क्षेत्र के गांवों में शाम ढलते ही गुलदार बस्ती के आस-पास दिखने लगते हैं। मटौरा मान गांव में रविवार देर शाम फिर दो गुलदार बस्ती के निकट घूमते हुए दिखाई दिए। गांव पोटी, अलादीनपुर और सलाराबाद के लोगों का कहना है कि उनके गांव में भी गुलदार चहलकदमी करते नजर आ रहे हैं। किसानों के लिए डर की वजह से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। पशु चारा लाने के लिए भी किसान जंगल में जाने से डर रहे हैं।
डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह का कहना है कि वन विभाग की ओर से धामपुर रेंज के 13 स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। इनमें छह पिंजरे नहटौर, चार धामपुर और तीन स्योहारा क्षेत्र में लगे हैं। अल्हैपुर ब्लॉक परिसर में कई पिंजरे अतिरिक्त रखे हुए हैं। कहीं से कोई सूचना प्राप्त होती है तो वन विभाग के अधिकारी गांव के जिम्मेदार लोगों के प्रार्थना पत्र के आधार पर पिंजरा लगाने में देरी नहीं करते। कहा कि गुलदार एक शातिर वन्य जीव है। यह पेड़ पर बैठता है और झाड़ियों में छिपकर अपने शिकार पर निगाह रखता है। मौका मिलते ही हमला कर देता है। इसलिए सभी लोगों को बड़ी सावधानी के साथ आपस में मिलकर खेती-बाड़ी का काम करना चाहिए।