- घटना से ग्रामीणों में दूसरे दिन भी दहशत
- वन विभाग के अधिकारियों ने प्रधान के सहयोग से पिंजरे में बकरे को बांधा
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। क्षेत्र के गांव बढ़ियाेवाला में वन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को गुलदार को पकड़ने के लिए घटनास्थल के आसपास पिंजरा लगा दिया है। पिंजरे में बकरे को बांधा गया है। सोमवार की घटना से ग्रामीणों में दहशत है। उधर, सूचना मिली है कि क्षेत्र के कई गांवों में गुलदार लोगों को जंगलों में घूूमता दिखाई दे रहा है।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी गोविंद गंगवार ने बताया कि वन विभाग ने पिंजरे को बिलारी रेंज से मंगवाया है। पिंजरे को घटनास्थल पर गन्ने के खेत के पास लगा दिया गया है। पिंजरे के भीतर गांव के प्रधान के सहयोग से बकरे को बांधा गया है। रेंजर ने बताया कि मंगलवार को दिनभर वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों के सहयोग से गुलदार की लोकेशन का पता लगाकर पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन पता नहीं लग सका।
उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क किया है कि अकेले जंगल में न जाएं। यदि जंगल में जाना है तो आपस में जोर जोर से बात करते रहें। गले में कपड़ा बांधे रखें। क्योंकि गुलदार अक्सर गले पर हमला करता है। रेंजर ने बताया कि ग्रामीणों ने शिकायत की है कि क्षेत्र में पिछले कई दिन से तीन-चार गुलदार घूमते नजर आ रहे हैं। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह दिन-रात मौजूद रहकर गुलदार की लोकेशन लेकर पकड़ने का प्रयास करें।
गौरतलब है कि सोमवार को गुलदार ने गांव में झारखंड मूल निवासी महेंद्र की नौ साल की पुत्री नैना को हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी दहशत है। उधर, धामपुर क्षेत्र के गांव जगूपुरा सलावा, मटौरा मान, भटियाणा खुशहालपुर के ग्रामीणों का कहना है कि उनके क्षेत्र में भी गुलदार जंगल में घूमता नजर आया है। ग्रामीणों ने गुलदार को वन विभाग से पकड़ने की मांग।
- मृतक बालिका के परिजनों को मिलेगा मुआवजा
रेंजर का कहना है कि गुलदार के हमले में मरी बालिका नैना के परिजनों को शासन की ओर से मदद दी जाएगी। जिसकी रिपोर्ट विभाग की ओर से शासन को भेजी जाएगी। बताया कि सरकार की ओर से बतौर मुआवजा छह लाख रुपये मिलने का प्रावधान है। मृतक बालिका का मंगलवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।