अफजलगढ़ में गांव आलमपुर गांवड़ी, माननगर, चतरपुर, दल्लीवाला, भूतपुरी, मनोहरवाली में बाढ़ का खतरा फिर से मंडराने लगा है। कमल कुमार, उमेश कुमार, सर्वेश कुमार, नरेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, भुवनेश कुमार, कैलाश सिंह का कहना है कि बनैली नदी में फिर से भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात हो गए है।
जहां पहले तटबंध क्षतिग्रस्त था, वहां पर सिंचाई विभाग ने मिट्टी के कट्टे और लकड़ी आदि लगाकर पानी का रुख बदलने का प्रयास किया था, लेकिन वह कारगर साबित नहीं हो सका। अब बनैली का पानी तटबंध को तोड़ने लगा है। सिंचाई विभाग के टीम प्रभारी जेई चंद्रपाल सिंह ने बताया कि भारी बारिश के चलते बनैली में काफी पानी बढ़ गया है। मरम्मत का कार्य निरंतर चल रहा है। तटबंध के कटान को रोकने के लिए पेड़ों को काटकर और मिट्टी के कट्टों को डाला जा रहा है। गौरतलब है पिछले तीन दिन से पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते बनैली नदी में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। गांव शाहपुर जमाल, माननगर, मनोहरवाली में लोगों के घरों में पानी घुस गया है। मनोहरवाली में नवनिर्मित कन्या इंटर कॉलेज में भी बनैली नदी का पानी खड़ा है। पीली बांध और सिंचाई विभाग के अवर अभियंता लोकेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को बनैली में 8000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं, भूतपुरी तिराहे पर बनैली का जलस्तर बढ़ने से भूतपुरी अफजलगढ़ मार्ग पर लगातार दूसरे दिन एक से डेढ़ फीट पानी चल रहा है। जिससे रोड टूटने का खतरा भी बना हुआ है। जबकि अभी यातायात सुचारु है। सुआवाला बादीगढ़ मार्ग पर हरपुर की पुलिया के पास रोड पर पानी चलने से यातायात मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
खो नदी के रौद्र रूप को देख ग्रामीणों में दहशत
शेरकोट में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से खो बैराज का जलस्तर बढ़ गया है। नदी के पानी के कई गांवों में घुसने से लोगों में हाहाकार मचा है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण खो नदी का पानी गांवों में घुसा है। उनके शोर मचाने के बाद भी प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे रहा। जब बाढ़ के पानी ने गांवों की ओर रुख कर लिया तो अधिकारियों ने बतौर सहानुभूति बतौर गांवों का दौरा करना शुरू कर दिया। पर जब ग्रामीणों ने अधिकारियों से लोगों के घरों में घुसे और हुए नुकसान के बारे में जानकारी करने की अपेक्षा की तो एसडीएम और तहसीलदार ने बैचेन लोगों की सुध लेना दायित्व नहीं समझा। बताया गया कि खो में वर्तमान में 88 हजार क्यूूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है।
नदी में अचानक पानी का उफान आने ग्रामीण परेेशान है। उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना शुरू कर दिया है। खो नदी के किनारे बसे ग्रामों नयागांव, नंदगांव, नाथाडोई, बेनीपुर कोपा सहित कई ग्रामों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कई गांवों के संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गए हैं। लोगों का गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। इन गांवों में पानी घुसने से ग्रामीणों में हा-हा कार मचा है।
गांव के महावीर सिंह, कुशलपाल सिंह, विक्रम सिंह का आरोप है कि शोर मचाने के बाद भी रविवार को किसी भी प्रशासनिक अफसर ने गांवों की ओर से उनकी परेशानी को रूबरू होना जरूरत नहीं समझा। जबकि उनके गांव में कई लोगों के घरों में पानी घुसा है और उनका सामान भीगकर नष्ट हो गया है। एसडीएम आलोक कुमार यादव का कहना है कि खो में क्षमता से कम पानी है। क्षेत्र में बाढ़ की कहीं पर भी कोई स्थिति नहीं है। प्रशासन पूरी तरह से चौकन्ना है। लोगों का कहना है कि रविवार को भी पूरे दिन रुक-रुककर बारिश हुई।
अफजलगढ़ में घुसा नचना का पानी
अफजलगढ़ में क्षेत्र में तीन से रुक रुककर भारी बारिश हो रही है। जिसके चलते नगर में कई मोहल्लों में पानी भर गया है। खेत जलमग्न हो गए हैं। नचना नदी का पानी उफान के कारण नगर की ओर से प्रवाहित होना शुरू हो गया है। जिससे कई घरों में भी पानी घुसने से लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। नगर के बीच से गुजर रही नचना नदी का पानी कई स्थानों पर भर गया। नगर की डूडा कालोनी में कई फीट पानी पानी भरा है। दुकानदारों को चिंता सता रही है कि यदि इसी तरह वर्षा होती रही तो उनकी दुकानों मेें पानी भरने से उनका लाखों का सामान भीगकर नष्ट हो जाएगा। कालागढ़ को जोड़ने वाले अमला नदी के पुल की अप्रोच भी धीरे धीरे दोनों ओर से पानी से कटकर बहने लगी है।
नालों के चौक होने से जलभराव की समस्या
रेहड़ में रेहड़ में जल भराव के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रमेश दुबे, मनोज, दिनेश, सतेंद्र, मुदित, रसीद आदि ने बताया कि सड़क से ऊंचे और नालियों के गहरे में होने की वजह से जल निकासी सही तरीके से नहीं हो पाती है। जिसके कारण मामूली बारिश में भी रेहड़ के मुख्य प्रवेश मार्ग पर जल भराव की गंभीर समस्या बन जाती है। हालांकि बस स्टैंड, पेट्रोल पंप, हाइवे पर भी कमोबेश यही हालात रहते हैं। लेकिन गांव के मुख्य प्रवेश मार्ग पर एक सामान्य बारिश के चार पांच दिन बाद भी जल भराव की स्थिति बनी रहती है। ग्रामप्रधान खुर्शीद आलम का कहना है कि जल भराव की समस्या उनके संज्ञान में है, वो अधिकारियों से मिलकर समाधान का प्रयास करेंगे। मोहिद्दीनपुर बादशाहपुर मार्ग पर जल भराव के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा।