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स्वतंत्रता सेनानियों के नाम से बसों को मिलेगी पहचान

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स्वतंत्रता सेनानियों के नाम से बसों को मिलेगी पहचान
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अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। ट्रेनों तर्ज पर अब बसों को भी नाम दिए जाएंगे। जिले के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर बसों के नाम रखे जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही बिजनौर डिपो की करीब 15 बसों के नाम स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक स्थलों के नाम पर रखने की तैयारी की जा रही है। इसकी जानकारी परिवहन मुख्यालय लखनऊ को भेज दी गई है।
परिवहन मुख्यालय लखनऊ की ओर से जिले के स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक स्थलों के नाम की जानकारी मांगी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक जिले को जल्द ही कुछ नई बसें मिलने वाली हैं। जिसके चलते उन बसों के नाम जिले के स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक स्थलों के नाम पर रखने की तैयारी विभाग की ओर से की जा रही है। इसके साथ ही परिवहन विभाग बिजनौर की ओर से लिस्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दी गई है। अभी तक तो सिर्फ ट्रेनों के ही नाम रखे हुए थे, लेकिन अब बसों को भी एक नाम मिलेगा। विभाग की ओर से बसों के नाम रखने का सिलसिला पहली बार शुरू हुआ है। अभी तक तो बसों को रोडवेज बसों के नाम से ही पहचाना जाता है, लेकिन अब जल्द ही रोडवेज बसों को अपनी एक पहचान मिलने वाली है।
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मुख्यालय को भेजे गए इन स्वतंत्रता सेनानियों के नाम
विभाग की ओर से कारगिल युद्ध में शहीद हुए अशोक कुमार, लाला ठाकुरदास (जिन्हें बिजनौर के गांधी के नाम से जाना जाता था), स्वतंत्रता सेनानी शहीद प्रवीण सिंह (जिनके नाम पर नूरपुर में शहीद दिवस भी मनाया जाता है), स्वतंत्रता सेनानी रिक्खी सिंह का नाम भेजा है। इसके साथ ही ऐतिहासिक स्थलों में विदुर कुटी तीर्थ स्थल, कण्व ऋषि आश्रम, गंगा बैराज, कालागढ़ डैम, जोगीरम्पुरी के अलावा डीएम कार्यालय से प्राप्त दो पन्नों की शहीद स्थल की सूचि मुख्यालय को भेजी गई है।
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मुख्यालय को भेज दी गई सूचि : एआरएम
एआरएम धीरज पंवार ने बताया कि जिले को जल्द ही कुछ बसें मिलने वाली हैं। जिसके चलते बसों के नाम रखने के लिए मुख्यालय ने जिले के स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक स्थलों के नाम की सूचि मांगी है। जिसके बाद मुख्यालय को सूचि भेज दी गई है।
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