किसानों ने एसडीएम और तहसीलदार को घेरा
धामपुर। किसानों की समस्याओं का निदान न होने से आक्रोशित भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को एसडीएम मनोज कुमार सिंह और तहसीलदार गोपेश तिवारी को करीब दो घंटे तक अपने बीच में धरने पर बैठाए रखा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें तभी मुक्त किया जाएगा, जब उनकी समस्याओं का निदान हो जाएगा। एसडीएम ने कार्यकर्ताओं से 30 जुलाई तक का समय दिया। कार्यकर्ताओं ने विद्युत निगम के अधिकारियों को भी अपने बीच में बुलाने का प्रयास किया, लेकिन वे धरने पर नहीं पहुंचे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने धामपुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
भाकियू कार्यकर्ता शुक्रवार दोपहर तहसील में पहुंचे और अधिकारियों पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह जाट ने किसानों की समस्याओं का निदान कराने के लिए एसडीएम, तहसीलदार और विद्युत निगम के अधिकारियों को अपने बीच बुलाया। एसडीएम, तहसीलदार तो पहुंच गए, लेकिन विद्युत निगम के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। देवराज सिंह ने कहा कि बेसहारा पशुओं ने किसानों की फसल को उजाड़ दिया है, लेकिन नगरपालिका की ओर से रसूलपुर इम्मा में गोशाला के निर्माण को शुरू नहीं किया है। कार्यकर्ताओं की ओर से गांव जैतरा में शुगर मिल मार्ग की पीडब्लूडी से पैमाइश कराने की मांग की जा रही है, इस पर भी सुनवाई नहीं हुई।
कार्यकर्ताओं ने एसडीएम से जानना चाहा कि यदि यह काम अधिकारी नहीं करेंगे तो कौन करेगा। करीब दो घंटे बाद एसडीएम ने कार्यकर्ताओं ने 30 जुलाई तक का समय मांगा और निदान का भरोसा दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने तहसील से धरने को हटाकर विद्युत निगम एसई कार्यालय परिसर में जमा लिया। प्रदर्शनकारियों के आक्रोश को देख अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों को बंद कर इधर उधर हो गए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक समस्या का निदान नहीं होगा, धरना जारी रहेगा। इस दौरान दुष्यंत राणा, सुरेंद्र सिंह, विजय जैन, अरविंद कुमार, अमन प्रकाश शर्मा, नेपाल सिंह, टीकम सिंह, संदीप कुमार आदि रहे।