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प्राथमिक विद्यालय द्वितीय की खिड़की तक लगे हैं कूड़े के ढेर

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नींदडू़ के प्राथमिक विद्यालय द्वितीय की खिड़की तक पड़ा कूड़ा। - फोटो : BIJNOR
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प्राथमिक विद्यालय द्वितीय की खिड़की तक लगे हैं कूड़े के ढेर
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नींदडू़। प्राथमिक विद्यालय द्वितीय का भवन खस्ताहाल और असुरक्षित हो चुका है। जिस कारण प्रधानाचार्य कक्ष में ही दो कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। उधर, मोहल्ले वालों द्वारा भवन के पीछे की गली में डाला जा रहा कूड़ा खिड़की तक आ जाने से वातावरण दुर्गंधमय हो गया है।
करीब 35 वर्ष पूर्व नींदडू़ खास के तत्कालीन प्रधान गुलाम साबिर के कार्यकाल में प्राथमिक विद्यालय द्वितीय के भवन का निर्माण हुआ था। प्रधानाचार्य कक्ष के अलावा दो बड़े कमरे व बरामदा है। बाद में विभाग द्वारा चार अतिरिक्त कमरे बनाए गए। पुराना भवन आंगन के तल से एक डेढ़ फुट गहरा हो गया है। भवन की हालत बहुत खराब हो चुकी है। छत का प्लास्टर गिर गया है तथा दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। भवन असुरक्षित होने के कारण उसके दो कमरों और बरामदे का प्रयोग बंद कर दिया गया है। पंचायत द्वारा बरामदे में बने प्रधानाचार्य कक्ष की मरम्मत कराकर उसे मिड-डे-मील की रसोई में बदल दिया गया है।
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मुख्य अध्यापिका गीता रानी ने बताया कि पुराने दोनों कमरे व बरामदा असुरक्षित होने के कारण उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। तीन कमरों में एक एक कक्षा तथा प्रधानाचार्य कक्ष में दो कक्षाएं चलानी पड़ती हैं। मोहल्ले वाले अपने घरों का कूड़ा विद्यालय के पीछे की गली में डाल रहे हैं। कूड़े के ढेर कमरे की खिड़की तक आ गए हैं। कमरे खोलने पर कूड़े की बदबू बरामदे तक आती है। टॉयलेट की छत पर भी कूड़ा पड़ा है। सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों को उस टॉयलेट में नहीं जाने दिया जाता। सफाई कर्मचारी आंगन की सफाई तो कर जाते हैं, किंतु गली का कूड़ा उठाने से कतराते हैं।
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पंचायत द्वारा विद्यालय के खस्ताहाल भवन को कार्य योजना में शामिल किया बताया जाता है, किंतु इसका पुनर्निर्माण नई पंचायत के गठन के बाद ही संभव हो सकेगा।
दूसरे विद्यालय की दीवार में भी है दरार
नींदडू़। प्राथमिक विद्यालय प्रथम एवं द्वितीय एक ही प्रांगण में स्थित हैं। प्राथमिक विद्यालय प्रथम का भवन बेहतर है, किंतु दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे की दीवार में भी दरार आ गई है। प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार ने उसकी मरम्मत कराने की मांग की है।
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