बिजनौर। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम का बिजनौर डिपो आठ जुलाई को फिर से महाभारतकालीन विदुरकुटी आश्रम के लिए बस सेवा शुरू करेगा। यह बस रोजाना सुबह चांदपुर से चलकर सुबह सात बजे विदुरकुटी पहुंचेगी और बिजनौर से विदुरकुटी पहुंचने का समय शाम साढ़े पांच बजे रहेगा।
विदुरकुटी का इतिहास महाभारतकाल से जुड़ा है। यह जिला मुख्यालय से लगभग दस किमी की दूरी रोड पर स्थित है। मान्यता है कि श्रीकृष्ण भगवान ने कौरवों के 56 भोग त्यागकर महात्मा विदुर के आश्रम में आकर प्रेमपूर्वक बथुए का साग खाया था। महात्मा विदुर की कुटी में जनपद ही नहीं बल्कि अन्य स्थानों से भी लोग दर्शन करने के लिए आते हैं।
बिजनौर डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर यह बस सेवा आठ जुलाई से फिर से पर्यटन स्थल विदुरकुटी के लिए जाएगी। बिजनौर से इसका किराया नौ रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले साल कोरोना काल में पर्याप्त यात्री नहीं मिलने से बिजनौर डिपो ने इस बस सेवा को विदुरकुटी आश्रम तक जाने से रोक दिया था। इस बस को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत यात्री चाहिए, जिससे डिपो की आय बाधित न हो। यदि यात्रियों की संख्या बढ़ी तो बसों को और बढ़ाया जा सकता है।
सभी पर्यटक स्थलों पर मिलेगा पूरे जिले का इतिहास
बिजनौर। जिले में यूं तो तमाम स्थल पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अधिकांश के बारे में लोग जानते नहीं है या कम ही जानकारी रखते हैं। ऐसे में लोग कुछ ही जगहों पर जा पाते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी पर्यटक स्थलों पर पूरे जिले के महत्वपूर्ण स्थलों के बारे में जानकारी देने की तैयारी शुरू कर दी है। जैसे हैदरपुर वेटलैंड, विदुरकुटी, अमानगढ़, नजीबाबाद आदि महत्वपूर्ण स्थलों पर पूरे जिले के महत्वपूर्ण स्थलों के बारे में बोर्ड लगाकर जानकारी दी जाएगी।
विदुरकुटी महत्वपूर्ण स्थल है, वहां बस सेवा शुरू कराई जा रही है। इसके अलावा लोग एक जगह पर ही पूरे जिले के बारे में जानकारी कर लें, ऐसी व्यवस्था भी कराई जाएगी। बिजनौर को पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ाने की पूरी रूप रेखा तेयार हो रही है।
उमेश मिश्रा, डीएम, बिजनौर