बिजनौर में खालिद, तालिब बंधुओं की कॉलोनी पर चलता बुलडोजर और खड़ी प्रशासन की टीम। स्रोत विभाग
बिजनौर। खालिद-तालिब बंधुओं पर दूसरे दिन भी प्रशासन की कार्रवाई जारी रही। रविवार को खालिद बंधुओं की कॉलोनी में सरकारी चकरोड और नाली मिली। प्रशासन की टीम ने बुलडोजर चलाकर रास्ते और सरकारी नाली को कब्जा मुक्त कराया है।
गांव छिल्लोर में गाटा संख्या 58 क्षेत्रफल .060 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में नाली श्रेणी 6(2) की भूमि दर्ज है। जबकि, गाटा संख्या 99 क्षेत्रफल .431 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में चकरोड दर्ज है। इस भूमि को कॉलोनी में मिलाने की शिकायत की गई। राजस्व टीम की जांच के बाद एसडीएम रितु रानी ने टीम गठित की। तहसीलदार आशीष सक्सेना के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान टीम ने सरकारी भूमि पर तालिब, खालिद द्वारा काटी गई कॉलोनी के अतिक्रमण को बुलडोजर से ढहा दिया। दीवार बनाकर एक मीटर चौड़ी और 109 मीटर लंबी सरकारी नाली को कब्जा मुक्त कराया। साथ ही चकरोड पर पीलर लगाकर और दीवार करके किए गए कब्जे को भी ध्वस्त किया।
इससे पहले शनिवार शाम को टीम ने सरकारी नाली कब्जा मुक्त कराई थी। प्लाईवुड फैक्टरी के अंदर गांव छिल्लोर बंगर के गाटा संख्या 102 में .014 हेक्टेयर जमीन राजस्व अभिलेखों में नाली श्रेणी 6(2) में दर्ज थी। सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराने के लिए टीम ने बुलडोजर चलाया। nझाड़ी जंगल में दर्ज है तीनों क्रेशरों की सरकारी जमीन : डीएम जसजीत कौर ने बताया कि राजस्व विभाग की जांच में तालिब बंधुओं के तीन क्रेशर सरकारी जमीन में संचालित मिले। जबकि राजस्व अभिलेखों में यह जमीन 1359 फसली वर्ष खतौनी में झाड़ी जंगल के नाम दर्ज है। इस मामले में नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन क्रशरों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।